शिमला। नगर निगम उप महापौर को सरकारी गाड़ी देने पर अब सदन अंतिम फैसला लेगा। पार्षदों की मंजूरी के बाद ही उप महापौर को सरकारी गाड़ी की सुविधा मिल पाएगी। वहीं, उप महापौर को सरकारी गाड़ी देने संबंधी फाइल निगम प्रशासन ने वापस लौटा दी है। प्रशासन का कहना है कि सदन में मंजूरी के बाद ही नियमों में संशोधन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार गाड़ी देने की फाइल दो दिन पहले ही संयुक्त आयुक्त कार्यालय और अतिरिक्त आयुक्त विधि कार्यालय में पहुंची थी। अभी तक उप महापौर को सरकारी गाड़ी देने का प्रावधान नहीं है। उन्हें यह सुविधा देने के लिए एमसी नियमों में संशोधन करना होगा। लेकिन प्रशासन ने फिलहाल बिना सदन की मंजूरी लिए संशोधन करने और फाइल को मंजूरी देने से मना कर दिया है। ऐसे में अब नगर निगम इस मामले का प्रस्ताव सदन में ले जाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर मंजूरी देते हैं या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है।
महापौर के लिए नई गाड़ी की भी चर्चा
नगर निगम महापौर के लिए भी नई गाड़ी लेने की चर्चा जोरों पर है। महापौर की गाड़ी कुछ दिन पहले छोटा शिमला में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसे मरम्मत के लिए भेजा गया है। महापौर के चालक का पहले ही तबादला हो चुका है। अब नई गाड़ी की चर्चा जोरों पर हैं। हालांकि, प्रशासन फिलहाल इससे इंकार कर रहा है।