शिमला। शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाना स्मार्ट सिटी का सबसे पहला प्रोजेक्ट होगा। सर्कुलर रोड पर यातायात सुचारु करने को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट पर सबसे पहले काम करने की तैयारी कर ली है।
नगर निगम का कहना है कि शहर में यातायात और पार्किंग की समस्या को सबसे पहले निपटाया जाना जरूरी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कुल 187 करोड़ रुपये के बजट से शहर के सर्कुलर रोड को चौड़ा किया जाना है। इसमें ढली से लेकर वाया संजौली, लक्कड़ बाजार होते हुए एशिया द डाउन और संजौली से वाया छोटा शिमला, बैमलोई होते हुए विक्ट्री टनल तक के सर्कुलर रोड को चौड़ा करने का प्लान है। कुल 31 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सबसे ज्यादा गाड़ियां दौड़ती हैं। सड़क चौड़ा करने के साथ-साथ इनमें फुटपाथ, ओवर हेड ब्रिज, स्ट्रीट लाइटें आदि बनाने की भी योजना है। लोक निर्माण विभाग ने ऐसे स्थान भी चिन्हित किए हैं, जहां सड़क चौड़ा कर यातायात सुचारु हो सकता है। इनमें से कुछेक को पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त एवं प्रोजेक्ट के नोडल अफसर प्रशांत सरकैक का कहना है कि सर्कुलर रोड चौड़ा कर शहरवासियों को जाम से राहत देना हमारी प्राथमिकता रहेगी।
प्रोजेक्टों पर चर्चा, 15 को मंजूरी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर सोमवार को रोटरी टाउन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से मिले प्रोजेक्टों पर चर्चा की गई। संयुक्त आयुक्त प्रशांत सरकैक ने बताया कि अब तक 15 विभागों के प्रोजेक्ट मंजूर कर लिए गए हैं। कुछेक प्रोजेक्टों में हल्की खामियां हैं, जिन्हें दूर करने को कहा गया है। रेलवे से अभी प्रोजेक्ट नहीं मिला है। इन्हें 20 दिसंबर तक प्रोजेक्ट देने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसी हफ्ते प्रोजेक्ट शुरू करने को लेकर बनने वाली एसपीवी कंपनी को रजिस्टर किया जाएगा।
अहम प्रोजेक्ट का जिम्मा आईटी विभाग को
शहर में कई अहम प्रोजेक्ट का जिम्मा आईटी विभाग संभालेगा। शहर में ओपेक्स मॉडल पर ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने, स्मार्ट पार्किंग बनाने, हेरिटेज और महत्वपूर्ण भवनों में फायर सेंसर लगाने, वेबसाइट तैयार करने को लेकर आईटी विभाग प्लान तैयार करेगा। बैठक में दमकल विभाग, खेल विभाग, आईटी, लोक निर्माण विभाग ने अपने-अपने प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। वहीं, कई महकमों के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे।