शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर राज्यपाल आचार्य देवव्रत की तल्ख टिप्पणी के बाद नगर निगम ने हरकत में आते हुए मालरोड और आसपास के इलाकों में 200 लेटर बाक्स डस्टबिन लगाने का फैसला लिया है। नगर निगम स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मदद से डस्टबिन लगवाएगा।
राजधानी शिमला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में मालरोड पर आधुनिक डस्टबिन लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट कामयाब रहने पर शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लेटरबाक्स डस्टबिन लगाने की योजना है। नगर निगम का दावा है कि लेटरबाक्स डस्टबिन से बंदर कूड़ा बाहर नहीं निकाल पाएंगे।
इससे डस्टबिन के आसपास गंदगी नहीं फैलेगी। इतना ही नहीं सफाई कर्मचारियों को डस्टबिन खाली करने में दिक्कत पेश न आए इसके लिए खास इंतजाम किए हैं। सफाई कर्मचारी बड़ी आसानी से कूड़े से भरे डस्टबिन खाली कर सकेंगे।
लेटरबाक्स डस्टबिन का साइज मौजूदा अंब्रेला डस्टबिन से थोड़ा बड़ा होगा और यह हरे रंग के होंगे। नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत मालरोड पर लेटरबाक्स डस्टबिन लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट सफल रहा तो पूरे शहर में परंपरागत डस्टबिन को लेटरबाक्स डस्टबिन में बदला जाएगा।