हिमाचल को हेल्थ मिशन में इस साल 200 करोड़ से ज्यादा मिलेंगे। ये पहली बार होगा कि मिशन के तहत मिलने वाले बजट का आंकड़ा 200 करोड़ के पार जाएगा। दिल्ली में पिछले हफ्ते हुई नेशनल प्रोजेक्ट को-आर्डिनेशन कमेटी ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) को क्लीयर कर दिया है।
इससे ये बात स्पष्ट हो गई कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना जैसे अन्य स्कीमों की तरह केंद्र सरकार हेल्थ मिशन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करने जा रही है। पिछले साल मिशन में हिमाचल को करीब 187 करोड़ मिले थे। वित्त वर्ष 2014-15 में हिमाचल में मिशन के तहत कई नए कदम उठाए जा रहे हैं।
शहरों में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इस वर्ष से ऊना, सोलन, नाहन, बीबीएन और कुल्लू को नेशनल अर्बन मिशन में शामिल किया जा रहा है। पिछले साल शिमला, मंडी और धर्मशाला शहरों को इसमें लिया गया था।
सरकार ने दिया ये प्रस्ताव
हिमाचल सरकार ने एक प्रस्ताव ये भी दिया है कि मोबाइल पापुलेशन और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने के लिए धर्मशाला, नाहन, ऊना और बद्दी-नालागढ़ क्षेत्रों में मोबाइल पीएचसी शुरू की जाए। राज्य सरकार ने स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, निशुल्क एंबुलेंस स्कीम, आरकेएस व्यवस्था को और मजबूती देने की मांग अपने प्लान में उठाई है।
एनपीसीसी की बैठक में हिमाचल की ओर से शामिल हुए तत्कालीन मिशन निदेशक अमित कश्यप कहते हैं कि नई सरकार हेल्थ मिशन में कोई बदलाव नहीं कर रही है। राज्य का पीआईपी मंजूर हो गया है। वर्तमान निदेशक हंसराज शर्मा कहते हैं कि इस साल के बजट पर उन्हें अभी केंद्र से पत्र मिलने का इंतजार है।