हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश विकास भारद्वाज ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी व्यक्ति को 20 साल कठोर कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी बड़सर उपमंडल में दुकान करता है। इस मामले में कुल 28 गवाह अदालत में पेश हुए। पुलिस की जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने दोषी को यह कठोर सजा सुनाई है। इस मामले की जांच एसएचओ बड़सर इंस्पेक्टर मस्तराम नाईक ने की। जबकि अदालत में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी कपिल देव शर्मा ने की। यह मामला 28 जनवरी 2021 का है। पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी व्यक्ति दीपक पटियाल के खिलाफ पुलिस थाना बड़सर में मामला दर्ज हुआ था। पीड़ित लड़की के परिजनों ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने उनकी बेटी का अपहरण किया और उसे एक निजी होटल में ले गया।
जहां पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इसकी जानकारी सार्वजनिक न करने की धमकी दी। सूचना बाहर लीक करने पर पीड़ित को जान से मारनी की धमकियां दी गईं। लेकिन आरोपी की धमकियों की परवाह न करते हुए बेटी के घर पहुंचने के बाद अभिभावकों ने पुलिस को इस सारे प्रकरण की सूचना दी। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज करवाया। विशेष न्यायाधीश विकास भारद्वाज ने आरोप सिद्ध होने पर दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 20 साल कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 363 के तहत तीन साल कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, जबकि भादसं की धारा 506 के तहत चार साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।