उपमंडल में पीलिया बीमारी जानलेवा बनकर उभर रही है। अब उपमंडल की 20 वर्षीय प्रशिक्षु नर्स की मौत होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रशिक्षु नर्स में पीलिया के लक्षण पाए गए थे और वह टांडा में उपचाराधीन थी और उसे 28 जुलाई को पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले पीलिया से पीड़ित 21 वर्षीय आईटीआई प्रशिक्षु युवक की मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार युवती डायरिया की शिकायत लेकर जोगिंद्रनगर अस्पताल पहुंची थी। बाद में परिजन उसे टांडा मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए ले गए। यहां से युवती को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था, लेकिन युवती ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। टांडा में ही युवती के पीलिया से ग्रस्त होने का पता चला था। भडयाड़ा पंचायत से संबंध रखने वाली युवती शिल्पा नर्सिंग संस्थान में प्रशिक्षण हासिल कर रही थी। 28 जुलाई को मौत होने के बाद युवती का शव भडयाड़ा पंचायत में पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले में परिजनों से बातचीत कर तथ्य जुटाएगा कि किन हालातों में युवती पीजीआई रेफर हुई थी। इसी के साथ स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज भी लिए जाएंगे, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
उधर, सीएमओ मंडी डॉ. एनके भारद्वाज ने बताया कि बीएमओ से इस संबंध में रिपोर्ट ली गई है। जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। लोगों से आग्रह है कि कम से कम 15 से 20 मिनट पानी उबालकर ही पीएं। इससे बचाव होगा। इसी के साथ जल शक्ति विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए आग्रह किया है। उन्होंने साफ किया है कि आईटीआई प्रशिक्षु सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। उसने निजी स्तर पर बाहर घाव का उपचार लिया। बाद में उसके टांडा मेडिकल पहुंचने पर लीवर में इंफेक्शन होने का पता चला था।