हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 24 और 25 मार्च को आरएसएस, एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा की घटना के बाद से ब्वॉयज हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। छात्रावासों में प्रवेश करने वाले हर किसी पर नजर रखने और उसकी चेकिंग करने के लिए हर छात्रावास के गेट पर 24 घंटे एक-एक पुलिस जवान की तैनाती कर दी गई है।
ये पुलिस के जवान आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में बराबर मुख्य गेट पर ड्यूटी देंगे। इस नई व्यवस्था किए जाने का मूल मकसद छात्रावासों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाना है, जिससे छात्रावासों में हिंसा न हो।
इन पुलिस जवानों के अलावा छात्रावासों में एक-एक होमगार्ड पहले की तरह से पुलिस जवानों के साथ ड्यूटी पर तैनात रहेगा। छात्रावास के भीतर की व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संबंधित छात्रावास के वार्डन की ही रहेगी। पुलिस जवान छात्रावास में हर आने जाने वाले छात्रों के आई कार्ड देखकर ही प्रवेश देगा। वहीं, शंका होने पर प्रवेश करने वाले छात्र के सामान की चेकिंग भी की जा सकती है। इसकी बाकायदा छात्रावासों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरा में रिकार्डिंग भी होती रहेगी। यह नई व्यवस्था वार्डन लागू करवाना सुनिश्चित करेंगे।
इसके अलावा विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और उनकी टीम कभी भी किसी छात्रावास का औचक निरीक्षण भी कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के चार ब्वॉयज छात्रावासों में ही यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इनमें टैगोर, श्रीखंड, शहीद भगत सिंह और डॉ. वाईएस परमार छात्रावास शामिल हैं। कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू करवा दी है।
विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डीएसपी सुरेश चौहान ने बताया कि सोमवार से ही हर छात्रावास के गेट पर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में पुलिस के जवान बराबर ड्यूटी देना शुरू हो गए हैं। 24 घंटे वे गेट पर ड्यूटी देकर हर छात्र के चीफ वार्डन कार्यालय से जारी आई कार्ड के आधार पर ही छात्र को प्रवेश देना सुनिश्चित करेंगे। उनका कहना है कि छात्रावासों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है।