अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सीटू जिला कमेटी ने सैहब कर्मियों की हड़ताल को जायज ठहराया है। सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा का कहना है कि नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट और आयुक्त जीसी नेगी सैहब कर्मियों की जायज और कानूनी हड़ताल को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि एस्मा लगाने के लिए चेताना निंदनीय है। सीटू का कहना है कि अगर सैहब कर्मियों की शांतिपूर्ण हड़ताल को तोड़ने का प्रयास किया जाता है तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
विजेंद्र मेहरा का कहना है कि नगर प्रशासन कर्मियों की मांगों को पूरी करने के बजाय तानाशाही पर उतर आया है। वहीं सैहब कर्मियों को नौकरी से निकालने के लिए ठेकाकरण प्रक्रिया को अपनाने की कोशिश की जा रही है। सीटू ने कहा कि अगर नगर निगम ने कर्मियों को नौकरी से निकाला तो सीटू के कार्यकर्ता भी सैहब कर्मियों के समर्थन में शहर की सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। सीटू ने मांग की है कि सैहब कर्मियों की मांगों को पूरा किया जाए।