मंडी की रहने वाली 19 साल की लड़की को पिछले महीने आईजीएमसी में उपचार के लिए लाया गया था। यहां पर यह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था लेकिन गंभीर अवस्था के चलते लड़की की मौत हो गई।
कोरोना के बीच इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में स्क्रब टाइफस से पीड़ित एक लड़की की मौत हो गई है। अस्पताल में इस बीमारी से यह पहली मौत है। लड़की की मौत के बाद से अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। मंडी की रहने वाली 19 साल की लड़की को पिछले महीने अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। यहां पर यह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था लेकिन गंभीर अवस्था के चलते लड़की की मौत हो गई।
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बीमारी के लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना।
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें।
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें।
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें।
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।