ऑडियो क्लिप वायरल होने के मामले में नगर निगम अधिकारी के खिलाफ होने वाली जांच से आयुक्त पंकज राय हट सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इसकी फाइल वापस सरकार को भेजने की तैयारी चल रही है। पिछले हफ्ते ही सरकार ने अफसर के प्रमोशन और ऑडियो क्लिप वायरल होने के मामले में कर्मचारियों की लिखित शिकायत पर जांच के आदेश दिए थे। इसकी फाइल भी नगर निगम के दफ्तर पहुंच चुकी है। लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं की गई है। कुछ कर्मचारियों ने अधिकारी की प्रमोशन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
सूत्रों के अनुसार वायरल आडियो क्लिप में आयुक्त पर भी टिप्पणी की गई है। इसीलिए आयुक्त इस मामले की जांच नहीं कर सकते। निष्पक्ष जांच के लिए किसी दूसरे महकमे के अधिकारी को इसका जिम्मा सौंपा जा सकता है। हालांकि, अभी निगम के अफसर इस मामले पर बोलने से बच रहे हैं लेकिन जल्द ही इसकी फाइल बिना जांच किए सरकार को वापस भेजने की तैयारी है। यदि आयुक्त यह जांच नहीं करते तो शहरी विकास विभाग के निदेशक या अन्य अधिकारी को सरकार जांच का जिम्मा सौंप सकती है।
इन पहलुओं पर होनी है जांच
नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने अफसर की प्रमोशन और लंबे समय तक तैनाती पर सवाल उठाए हैं। साल 2009 में भी एक कर्मचारी ने अफसर की प्रमोशन पर सवाल उठाए थे। इस बार भी कर्मचारियों ने इसी से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन आरोपों में कितना दम है, इसका पता जांच में चलेगा। ऑडियो क्लिप मामले में भी जांच होनी है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी निगम की सीक्रेसी लीक कर रहे हैं। किराये के मुद्दे पर निगम की जानकारियां कुछेक कारोबारियों को भी बताई गई। नगर निगम के कई पार्षद भी सरकार पर मामले की जांच का दबाव डाल रहे हैं।