राजधानी शिमला में टुटू के साथ लगते मज्याठ वार्ड में रविवार को बेटी ने पिता का दाह संस्कार किया। इकलौती बेटी ने अंतिम संस्कार से जुड़ी सारी क्रियाएं पूरी कर मुखाग्नि दी। स्थानीय लोगों के अनुसार संकटमोचन के पास दुकान चलाने वाले अनिल शर्मा अपनी पत्नी और इकलौती बेटी आरती के साथ मज्याठ में रहते थे।
शनिवार को अचानक तबीयत खराब होने से उनका निधन हो गया। दुख की इस घड़ी में भी बेटी ने हिम्मत दिखाई और सभी रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी। रविवार को भारी संख्या में स्थानीय कारोबारी और लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
वहीं, बेटी भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर शमशान घाट तक पहुंचीं। यहां पिता के शव को मुखाग्नि दी और कपाल क्रिया में भी हिस्सा लिया। वार्ड पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने कहा कि अनिल शर्मा मिलनसार इंसान थे। बेटी को हमेशा बेटे का दर्जा दिया। कहा कि वार्ड के लोग बेटी के साथ दुख की घड़ी में खड़े हैं।