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पांच गुणा बढ़ा दिया मेयर-डिप्टी मेयर का सत्कार भता

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शिमला। शहरवासियों को राहत मिले न मिले, लेकिन नगर निगम में चुने हुए प्रतिनिधियों ने अपने भत्ते और सुविधाएं जरूर बढ़ा दी हैं। अब निगम महापौर और उप महापौर का सत्कार भत्ता पांच गुणा तक बढ़ा दिया गया है।
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इससे पहले पार्षदों ने शहर की पार्किंग में अपनी गाड़ियों के लिए फ्री पार्किंग करने के प्रस्ताव को पारित करवाया था। अब मेयर-डिप्टी मेयर के चाय और बिस्कुट के लिए दिए जाने वाले सत्कार भत्ते में इजाफा कर दिया गया है। महापौर को अब एक हजार रुपये की जगह पांच हजार रुपये सत्कार भत्ता मिलेगा। वहीं, उप महापौर को भी 700 की बजाय तीन हजार रुपये भत्ता दिया जाएगा। भत्ता बढ़ाने के पीछे तर्क दिया गया कि दूध और बिस्कुट के दाम काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में सत्कार भत्ता भी बढ़ना चाहिए। भत्ते की बात सुनकर पार्षद भी कहां पीछे रहने वाले थे। सदन में जैसे ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया गया कि कुछ पार्षद भी अपने लिए ऐसे भत्ते शुरू करने की मांग करने लगे। इनका कहना था कि उन्हें भी बैठकें करनी होती हैं। ऐसे में कब तक वे अपनी जेबें ढीली करते रहेंगे। हालांकि, पार्षदों को तो भत्ता नहीं मिला, लेकिन मेयर-डिप्टी मेयर का भत्ता बढ़ाने पर जरूर मंजूरी मिल गई।

इसलिए दिया जाता है सत्कार भत्ता
मेयर और डिप्टी मेयर ऑफिस में होने वाली बैठकों, जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ होने वाली मुलाकात के दौरान चाय और बिस्कुट आदि परोसने के लिए सत्कार भत्ता दिया जाता है। निगम प्रशासन का कहना है कि साल 1996 में यह भत्ता तय किया गया था जिसे बढ़ाया नहीं गया था। वहीं, वर्तमान कीमतें काफी बढ़ गई हैं।
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शहरवासी कर रहे राहत का इंतजार
वहीं, शहरवासी भाजपा शासित नगर निगम से राहत का इंतजार कर रहे हैं। जून में चुने गए नए सदन ने न तो पानी के फ्लैट रेट से जनता को राहत दी है और न ही पार्किंग की कोई नई सुविधा दी है। इसके उलट, अब गारबेज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था खस्ताहाल है। बाजारों में अतिक्रमण बढ़ रहा है। बरसात में ढहे डंगों, रास्तों की सुध तक नहीं ली गई है।
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