हिमाचल में भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार का फैसला भले ही न हुआ हो, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने अपना नेता चुन लिया है। अब इस फैसले पर पार्टी हाईकमान की मुहर लगना बाकि है।
कांग्रेस के 21 में से 17 विधायकों ने वीरभद्र सिंह को अपना नेता चुन लिया है। शुक्रवार दोपहर हॉलीलॉज में 17 विधायकों ने वीरभद्र सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया है।
देर शाम करीब साढ़े सात बजे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर रामपुर से विधायक नंदलाल ने पार्टी प्रभारी सुशील कुमार शिंदे को प्रस्ताव सौंपा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान दिल्ली में विधायक दल के नेता के नाम को लेकर अंतिम फैसला लेगा।
सभी विधायक एक साथ पहुंचे कांग्रेस मुख्यालय
संभावित है कि 26 या 27 दिसंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिमला आकर विधायक दल के नेता के नाम का ऐलान करेंगे। शुक्रवार को पार्टी प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और सह प्रभारी रंजीत रंजन के साथ होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए शिमला पहुंचते ही कांग्रेस के 17 विधायकों ने सबसे पहले वीरभद्र सिंह के निजी आवास हॉलीलॉज में हाजिरी भरी।
इसी दौरान 17 विधायकों ने वीरभद्र को विधायक दल का नेता चुने जाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। शाम सात बजे तक सभी विधायक वहीं मौजूद रहे। यहीं से सभी विधायक एक साथ कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे।
राजीव भवन पहुंचते ही विधायकों ने पार्टी प्रभारी को प्रस्ताव सौंप दिया। उधर, स्वास्थ्य कारणों के चलते वीरभद्र सिंह और सुजान सिंह पठानिया बैठक में शामिल नहीं हो पाए।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सतपाल सिंह रायजादा और लखविंद्र सिंह राणा दिन भर कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे। इन तीन विधायकों ने हॉलीलॉज की चढ़ाई नहीं चढ़ी।
नेता चुनने को लेकर ये बोले सुक्खू
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि विधायक दल के नेता को चुनने के लिए यह बैठक नहीं थी। प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे के निर्देश पर जीत-हार के मंथन पर होने वाली यह पहली बैठक थी। एक-दो लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के पक्ष में एक प्रस्ताव प्रदेश प्रभारी को मिला है। जिसमें कुछ विधायकों ने अपनी पसंद बताई है। पूर्व मुख्यमंत्री अगर प्रदेश अध्यक्ष या नेता विपक्ष बनने की इच्छा रखते हैं तो हमेशा की तरह उनकी बात का आदर दिया जाएगा।
फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री ने बतौर प्रदेश अध्यक्ष इस संबंध में मुझसे कोई वार्ता नहीं की है। मैं अपने अध्यक्ष पद के कामकाज से संतुष्ट हूं। विधायक दल की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। हिमाचल में कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा। इसका फैसला पार्टी हाईकमान लेगी।