ड्रिल में बेस्ट खिताब सागर सेन को मिला। पीईटी में पदम बहादुर सम्मानित किए गए। बेस्ट फाइटर में रोहन परधान को सम्मानित किया गया। बेस्ट इंडोरम में सुमन राम को सम्मानित किया गया। बेस्ट राइफल फायर में सूरज थापा नवाजे गए।
14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के बैंड की मधुर धुनों और खुखरी नृत्य का भी लोगों ने आनंद उठाया। कार्यक्रम में नेपाल से गोरखा जवानों के परिजन भी शामिल हुए। कमांडेंट ब्रिगेडियर एचएस संधू सेना मेडल ने जवानों से आह्वान किया कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने को हर वक्त तैयार रहें।
चुनौतियां ही इंसान को आगे बढ़ना सिखाती हैं। कहा कि भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास को कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए चाहे उन्हें बड़ी से बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
उन्होंने कहा कि वह जिंदगी के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं, इसके लिए आवश्यक है कि आज ली गई शपथ के अनुसार वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने 42 सप्ताह के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद दीक्षा प्राप्त करके भारतीय सेना में शामिल हुए इन 162 जवानों और उनके परिजनों को उनके राइफलमैन बनने पर बधाई दी।