विश्वविद्यालय में 24 मार्च को पोर्टर हिल में खेल रहे छात्रों पर हमला करने वाले और 25 मार्च को छात्रावासों में 40 गाड़ियों में सवार होकर आए आरएसएस के स्वयंसेवकों और एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ताओं की ओर से हिंसा फैलाने और छात्रावासों के शीशे सहित सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ एसएफआई ने पुलिस में मामला दर्ज न करने पर चीफ वार्डन का घेराव किया।
एसएफआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरेआम छात्रावास परिसर में डंडे लेकर मार्च करने वाले और छात्रों के साथ मारपीट करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है। छात्रावासों में रह रहे छात्रों को धमकाया गया, बावजूद इसके विवि प्रशासन ने इन आरएसएस के लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। जबकि, एसएफआई कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंस दिया गया।
तोड़फोड़ होने पर भी चीफ वार्डन ने इन गुंडों के खिलाफ कोई शिकायत पुलिस में नहीं की। इससे जाहिर है कि यह सब सरकार, पुलिस और विवि प्रशासन के संरक्षण में हुआ। छात्र नेता विपुल और विक्की ने कहा कि यदि विवि प्रशासन पुलिस में शिकायत देता और हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाता तो 25 को बालुगंज में और देर शाम छात्रावास में एबीवीपी के छात्र के दराट लेकर घुसने की घटनाएं नहीं होतीं।
उन्होंने चीफ वार्डन से मांग उठाई कि पोर्टर हिल में हाल ही में शुरू किए गए शाखा लगाने के कार्यक्रम को किसी तरह से अनुमति न दी जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन से मामला उठाया जाए और हिंसा तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया जाए।