शिमला। स्कूली बच्चों और अभिभावकों को राहत देते हुए एचआरटीसी की करीब 62 बसें इस बार शहर में बतौर स्कूल बस चलेंगी। चार्टर बसों के लिए भारी डिमांड के चलते एचआरटीसी इस साल पिछले साल के मुकाबले दोगुनी बसें चलाएगा। पिछले साल 32 बसें बतौर चार्टर बस शहर के स्कूलों के लिए चलाई थीं।
शिमला लोकल के अलावा शिमला ग्रामीण और तारादेवी डिपो की बसों को भी एचआरटीसी बतौर स्कूल बस चलाएगा। एचआरटीसी की बसें शहर के 14 स्कूलों के बच्चों को सेवाएं देंगी। स्कूल टैक्सी आपरेटरों द्वारा मासिक शुल्क दोगुना करने के बाद एचआरटीसी ने शहर के अभिभावकों को राहत देते हुए स्कूलों को सभी रूट पर चार्टर बसें उपलब्ध करवाने का दावा किया था। चार्टर बसों के पास बनाने के लिए एचआरटीसी ने ओल्ड बस स्टैंड, न्यू शिमला और संजौली में पास काउंटर स्थापित किए हैं। संडे को भी इन काउंटरों पर बच्चों के बस पास बनाए जा रहे हैं।
कोट्स
शिमला शहर के स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए एचआरटीसी करीब 62 बसों का संचालन करेगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुनी बसें बतौर स्कूल बस चलेंगी। शिमला लोकल के अलावा शिमला ग्रामीण और तारादेवी डिपो की बसें भी बतौर स्कूल बस चलाई जाएंगी।
- अवतार सिंह, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी
सुबह 7 से 8:15 के बीच चलेंगी स्कूल बसें
एचआरटीसी की बसें सुबह 7 से 8:15 के बीच बतौर स्कूल बस सेवाएं देंगी। दोपहर बाद बसें 2:00 से 3:00 बजे के बीच स्कूली बच्चों को स्कूलोें से घर छोड़ेंगी।
दावा, शहर के लोकल रूट नहीं होंगे प्रभावित
एचआरटीसी के बेड़े की 62 बसें सोमवार से सुबह और शाम के समय बतौर स्कूल बस चलेंगी, ऐसे में बसें उपलब्ध न होने के कारण लोकल रूट भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि एचआरटीसी का दावा है कि लोकल रूट प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। दावे को हकीकत में बदलने के लिए एचआरटीसी लोकल डिपो के अफसरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।