अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कई सालों से लटके करोड़ों के मल्टी फैकल्टी भवन प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके स्वामित्व का मामला हल हो गया है, वहीं नक्शा पास हो जाने के बाद भवन का शेष बचा कार्य भी शुरू हो चुका है। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और प्रदेश सरकार को दिए गए दिसंबर माह तक हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करने के आदेशों के परिणामस्वरूप इस भवन के निर्माण के आड़े आ रही परेशानियों को दूर कर दिया गया है। इसके साथ ही विवि निर्माण विंग ने भवन निर्माण का कार्य भी शुरू करवा दिया है। चूंकि भवन का मूल ढांचा ही बना है, इसे पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए विश्वविद्यालय अब न्यायालय से कार्य पूरा करने के लिए तय समय अवधि को 31 दिसंबर से बढ़ा कर 30 सितंबर 2018 तक किए जाने की मांग उठाएगा। इसमें विवि तर्क दे रहा है कि सर्दियों में करीब तीन से चार माह काम न हो पाने की स्थिति को देखते हुए इसे पूरा करना संभव नहीं होगा। इसलिए विवि को पूरा भरोसा है कि न्यायालय समय सीमा को बढ़ा देगा। विश्वविद्यालय के इस भवन के रास्ते की अड़चनें दूर हो जाने के बाद अब विवि को प्रोजेक्ट पूरा करने को समय पर्याप्त नहीं है।
2011 से बंद पड़ा था भवन का निर्माण
एचपीयू के नाम उक्त भवन की जमीन न होने के कारण इसके नक्शा पास नहीं हो पाया था। इसके चलते यह प्रोजेक्ट आधे में ही लटक गया था। करीब सात साल तक काम बंद रहने के बाद अब विवि की निर्माण शाखा की देखरेख में फिर से ठेके दार ने काम शुरू कर दिया है। न्यायालय के हस्तक्षेप और प्रदेश सरकार को सितंबर माह में दिए गए आदेशों के बाद उक्त भूमि को विवि के नाम स्थानांतरण के बाद नक्शा पास हो गया है। इससे अब उम्मीद है कि यह बहुमंजिला भवन जल्द बनकर तैयार होगा और आम छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
एक पार्किंग सहित कुल पांच मंजिला बनेगा भवन
केंद्र से आई ग्रांट से वर्ष 2009 में शुरू किए गए इस भवन का निर्माण पूरा हो जाने पर इसमें भूगोल, एमटीए, सोशल वर्क और फिजिकल एजूकेशन, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन कुल पांच विभाग पूरी तरह से शिफ्ट होंगे। इसमें क्लास रूम से लेकर छात्रों को हर सुविधा मिलेगी। इसमें धरातल मंजिल में पार्किंग का निर्माण किया जाना है।
प्रोजेक्ट को है चार करोड़ का बजट
भवन निर्माण के लिए विवि ने चार करोड़ का अनुमानित बजट का बंदोबस्त कर दिया है, जो निर्माण पूरा होने के बाद घट या बढ़ भी सकता है। भवन का वर्तमान ढांचा खड़ा करने में अब तक सवा करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।
भवन निर्माण का दोबारा शुरू हो गया काम : कुलसचिव
विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा ने माना कि कोर्ट के आदेशों के बाद भवन का स्वामित्व का मामला हल हो गया है। बजट का प्रावधान कर काम शुरू कर दिया गया है। एक्सईएन संजय शर्मा ने कहा कि दिसंबर तक दी गई समय सीमा को बढ़ाने के लिए न्यायालय से मांग उठाई गई है, जिसे 30 सितंबर 2018 किए जाने का आग्रह किया है।