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Himachal: शिकुंला दर्रा होकर मनाली से जुड़ा जांस्कर और कारगिल, 25 मार्च को खुल सकता है मनाली-लेह मार्ग

Thu, 23 Mar 2023 07:31 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, केलांग(लाहौल-स्पीति)

सार

गुरुवार को सीमा सड़क संगठन की योजक परियोजना के निदेशक कर्नल विकास गुलिया ने दर्रा में जांस्कर से आई गाड़ियों को मनाली की तरफ रवाना किया। पिछले साल शिंकुला दर्रा 17 अप्रैल को खुला था। 
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शिंकुला दर्रा रिकॉर्ड समय में बहाल। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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समुद्रतल से 16,580 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा रिकॉर्ड समय में वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया है। गुरुवार को सीमा सड़क संगठन की योजक परियोजना के निदेशक कर्नल विकास गुलिया ने दर्रा में जांस्कर से आई गाड़ियों को मनाली की तरफ रवाना किया। पिछले साल शिंकुला दर्रा 17 अप्रैल को खुला था। बर्फ से लकदक शिंकुला दर्रा होकर गुजरने वाला मार्ग बर्फ से लकदक है। सड़क खुलने से अब लोग मनाली से जांस्कर होकर कारगिल आ जा सकेंगे। 23 जनवरी को हुई बर्फबारी से शिंकुला दर्रा बंद हो गया था और जांस्कर के साथ कारगिल का संपर्क कट गया। हालांकि इसके बाद योजक परियोजना के तहत बर्फ हटाने का काम जारी रखा और शिंकुला के साथ लगते छीका के पास हिमखंड आने से 5 फरवरी को सीमा सड़क संगठन के तीन मजदूर दब गए थे। 

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इसके बाद रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही और योजक परियोजना के जवान मशीनरी के साथ बर्फ हटाने में माइनस -25 डिग्री तापमान में भी डटे रहे। अब मार्ग के खुलने से लोग मनाली-केलांग-शिंकुला होकर लद्दाख के बीच आवाजाही कर सकेंगे। निदेशक कर्नल विकास गुलिया ने कहा कि यह मार्ग पांच-छह माह तक बर्फ से ढका रहता था, इस बार कुछ समय के लिए बंद रहा ओर उनके जवानों ने बर्फ हटाने में खूब मेहनत की। कई बार जवानों ने रात भर डबल शिफ्ट कर बर्फ को हटाया।

निदेशक ने कहा कि सड़क में कई चुनौतियां है, पर इसे मनाली से सालभर बहाल रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस साल शिंकुला टनल का काम भी शुरू हो जाएगा और टनल बनने से मनाली-जांस्कर-कारगिल की सड़क 12 माह तक बहाल रहेगी। इस दौरान जांस्कर के एसडीएम सोनम दोरजे ने कहा कि फिलहाल कुछ प्वाइंट में रोड़ वनवे है। मार्ग पर वाहनों को आवाजाही को कैसे करना है, इसे लेकर एसडीएम केलांग से चर्चा की जाएगी। इस दौरान योजक के ओसी मेजर अरविंद कुमार, एसएचओ जांस्कर दोरजे ज्ञलसन, तंजिन नोरबू भी मौजूद रहे।
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अभी फोर बाई फोर वाहन ही होंगे आर-पार
शिंकुला दर्रा होकर मनाली-जांस्कर-कारगिल मार्ग की संवेदनशीलता और वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त लाहोल-स्पीति सुमित खिमटा ने कहा कि एसडीएम पदुम, एसडीएम लाहौल और बीआरओ अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग ने निर्णय लिया है कि इस मार्ग पर अभी केवल स्थानीय फोर बाई फोर को ही यात्रा करने की अनुमति होगी। बताया कि सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही आवाजाही की अनुमति होगी। आगामी आदेश तक दारचा से आगे पर्यटकों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी पर्यटक वाहन को दारचा से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। जिसके लिए पुलिस विभाग को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं ।



 
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दारचा से आगे बीआरओ ने बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया

 शिंकुला दर्रा बहाल होने के बाद सामरिक मनाली-लेह मार्ग भी 25 मार्च को बहाल हो सकता है। मनाली की तरफ से दारचा से आगे बीआरओ ने बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया है। दो सप्ताह पहले बीआरओ का काफिला बर्फ हटाते जिंगजिंबार और बारालाचा को पार करते हुए सरचू की ओर निकल गया था। सूत्रों के मुताबिक 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेेह मार्ग को बहाल करने का कार्य मनाली ओर लेह दोनों तरफ से चल रहा है।

मनाली क तरफ से हिमाचल की सीमा सरचू तक बर्फ को हटाना है, जो करीब 200 किलोमीटर है। बता दें कि पिछले साल बीआरओ ने मनाली-लेह मार्ग को 26 मार्च को बहाल कर दिया था, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए जिला लाहौल-स्पीति प्रशासन ने वाहनों को देरी से मनाली से लेह के लिए रवाना किए थे। इस बार भी प्रशासन मौसम को देखकर अप्रैल माह में ही वाहनों का हरी झंडी दे सकता है। 
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