आईजीएमसी में जरा संभलकर जाएं। यहां हवा में बिजली के तार झूल रहे हैं। अस्पताल प्रशासन को इसकी खबर है लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में लकड़ी के बोर्ड को काटने का कार्य चल रहा है, लेकिन अस्पताल के अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर से दी गई गई बिजली की लाइन से कभी भी करंट लग सकता है।
हालत यह है कि प्लग से जो तार बाहर के लिए जोड़ी गई है, वह हवा में झूल रही है। रविवार को जब पुराने भवन से लोग परिसर की ओर आवाजाही कर रहे थे तो लोगों को हवा में झूल रही तारों के नीचे से होकर गुजरना पड़ा। प्रबंधन के अधिकारी सुबह के समय अस्पताल में राउंड पर आए थे। यहां से होकर गुजरे लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की हिदायत इन कर्मचारियों को नहीं दी। दिन भर यह तार इसी तरह झूलती रही।
अल्ट्रासाउंड में लगाई जाएगी एल्युमीनियम की पार्टिशियन
आईजीएमसी के अल्ट्रासाउंड रूम से कपड़े के परदे हटेंगे। इसकी जगह एल्युमीनियम का पार्टिशियन किया जाएगा। वहीं मरीजों की प्राइवेसी बनी रहेगी। अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीजों के अल्ट्रासाउंड टेस्ट किए जाते है। इनके लगने से परदे को हटाने और मरीजों को जूझने वाली परेशानी से भी बचा जा सकेगा।
अब काउंटर से ही ले पाएंगे रिपोर्ट
लोक निर्माण विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर टेस्ट से पूर्व टोकन और बाद में रिपोर्ट लेने के लिए खिड़की का निर्माण किया है। जिन भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाना है वह काउंटर पर आकर रिपोर्ट ले पाएंगे और बार बार अल्ट्रासाउंड रूम नहीं जाएंगे। जिसके कारण कि स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर आए मरीज आसानी से टेस्ट करवाने अल्ट्रासाउंड रूम जा सकेंगे।