जाखू वार्ड से पार्षद अर्चना धवन भाजपा में शामिल हो गई। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की करीबी और वफादार पार्षदों में शामिल अर्चना धवन ने शनिवार को भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा शिमला शहरी मंडल के सदस्यता अभियान के सह प्रभारी संजीव सूद जोनी ने बताया कि रुल्दुभट्ठा के ईदगाह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और संगठन मंत्री पवन राणा की मौजूदगी में सदस्यता अभियान प्रभारी राजेश शारदा की अध्यक्षता में शुरू हुआ। इस दौरान 80 से अधिक लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा का दामन थामने वाली पार्षद अर्चना धवन को पूर्व कांग्रेस सरकार ने दो बार नगर निगम में मनोनीत पार्षद नियुक्त किया था। वह दो बार पार्षद के चुनाव जीती भी हैं। विस चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने पर अर्चना को कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया था। बाद में पार्टी ने कई पार्षदों और नेताओं का निष्कासन वापस लिया। लेकिन अर्चना धवन की वापसी नहीं हुई। लोस चुनाव में भी अर्चना को कांग्रेस ने प्रचार तक के लिए नहीं कहा। इससे नाराज अर्चना धवन कुछ समय से भाजपा के संपर्क में थीं। शनिवार को रुल्दूभट्ठा में हुए कार्यक्रम के दौरान सीएम जयराम ठाकुर के सामने अर्चना ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
शांति विहार की पार्षद भी भाजपा में जाने को तैयार
शांति विहार वार्ड से कांग्रेस पार्षद शारदा चौहान ने भी भाजपा में जाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार पार्षद ने भाजपा के ऑफर को हामी भर दी है। भाजपा में शामिल होने को लेकर शारदा भाजपा नेता के संपर्क में हैं। इन्हें भी ज्वाइनिंग के लिए शनिवार को रुल्दूभट्ठा बुलाया था लेकिन नहीं पहुंचीं। पार्षद अपने वार्ड में समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं। शारदा ने कहा कि उन्होंने अभी कांग्रेस नहीं छोड़ी है लेकिन भाजपा उनके संपर्क में है।
दो साल में तीन पार्षदों ने बदला पाला
वर्तमान नगर निगम का कार्यकाल अभी दो साल का हुआ है और तीन कांग्रेसी पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। 17 सीटें जीतने वाली भाजपा को पहले आजाद उम्मीदवार राकेश शर्मा का साथ मिला। फिर चंद दिन बाद कच्चीघाटी के पार्षद संजय परमार ने कांग्रेस छोड़ी। पिछले साल सांगटी पार्षद मीरा शर्मा ने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया। अब जाखू पार्षद ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। शांति विहार पार्षद भी अगले कुछ दिन में भाजपा में शामिल हो सकती हैं। 34 पार्षदों वाले नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या अब 21 हो गई है। कांग्रेस के पास 12 और माकपा की एक पार्षद है।
कांग्रेस में अब नहीं सीनियर की कद्र, इसलिए छोड़ी पार्टी : अर्चना
भाजपा में शामिल होने के बाद पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि कांग्रेस में अब सीनियर नेताओं की कद्र नहीं रही है। कांग्रेस टिकट पर पार्षद चुनाव जीतने के बाद वह नगर निगम में पार्टी की सबसे सीनियर पार्षद थीं। लेकिन यहां उन्हें कभी भी ऐसी इज्जत नहीं मिली। विस हो या लोस चुनाव, हर बार पार्टी ने उन्हें किनारे किया। कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह हमेशा उनके लिए सम्मानीय रहेंगे, उनसे कोई शिकायत नहीं।
धवन ने कहा कि उन्होंने पूर्व सीएम को अपने फैसले के बारे में नहीं बताया है। काफी पहले उनसे इस बारे में बात की थी। भाजपा में शामिल होने को लेकर वार्ड के लोगों से भी बात की है, उन्हें निगम में कोई पद नहीं चाहिए बल्कि वह वार्ड के लोगों के ज्यादा से ज्यादा काम करवाना चाहती हैं। अर्चना के भाजपा में शामिल होने से कई भाजपा पार्षद असहज महसूस कर सकते हैं।