नगर निगम की मासिक बैठक में शनिवार को हंगामे के बीच जनता से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया। मेयर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के नए पार्किंग प्लान पर भी चर्चा हुई। फैसला लिया गया कि सुझाव देने के लिए जनता को और 15 दिन का वक्त दिया जाए। इसके बाद स्पेशल हाउस बुलाकर प्लान को मंजूरी दी जाएगी। शहरवासियों को अगस्त से मासिक बिल जारी किए जाएंगे।
हालांकि, इससे पहले मार्च तक के सात महीने के पानी के बिल 31 जुलाई तक जारी किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल से जुलाई तक के चार माह के बिल अगस्त में जारी होंगे। अगस्त के बाद उपभोक्ताओं को मासिक बिल जारी किए जाएंगे। कंपनी यदि कई महीनों के बिल एकसाथ जारी करती है तो उसे हर माह की मीटर रीडिंग का ब्यौरा बिल में देना होगा। अभी तक हर माह की मीटर रीडिंग का ब्यौरा बिल में नहीं दिया जा रहा है।
उप महापौर राकेश शर्मा, पार्षद दिवाकर शर्मा, राकेश चौहान, शारदा चौहान, संजय परमार ने पानी बिल देने में देरी और मर्ज एरिया को फ्लैट रेट पर बिल देने पर सवाल उठाए। आयुक्त पंकज राय ने कंपनी को निर्देश दिए कि सितंबर से पानी के मासिक बिल जारी होने चाहिए। शहर में नए बीपीएल कार्ड बनने और रिन्यू न होने का मामला सरकार के समक्ष उठाने का फैसला लिया गया है। पार्षद पूरनमल ने खतरनाक पेड़ों का मामला उठाया। फैसला लिया गया कि खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण करने के लिए ट्री कमेटी एक जुलाई से वार्डों का निरीक्षण करेगी।
मेयर-पार्षदों और कर्मचारियों पर बरसा पैसा
सदन ने मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षदों के वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया। मेयर का वेतन एक हजार वेतन बढ़ोतरी के साथ 12 हजार हो जाएगा। उप महापौर को आठ हजार की जगह 8500 मिलेंगे। पार्षदों को 5700 की जगह 6200 रुपये मिलेंगे। सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी। नई पेंशन योजना के तहत आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को एक अप्रैल 2019 से 14 फीसदी की दर से सीपीएस के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई।
निगम के अनुबंध कर्मचारियों की अनुबंध राशि बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई। इन्हें मासिक अनुबंध राशि पर देय 100 फीसदी ग्रेड पे को बढ़ाकर 125 फीसदी किया गया है। एक अप्रैल से बढ़ी तनख्वाह मिलेगी। 15 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं भी एक साल के लिए बढ़ा दी गई हैं। सदन ने 2015-16 की बैलेंस शीट अपनाने को भी सहमति दी।