जाखू में बन रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर पार्षदों में चल रहा विवाद अब सरकार के पास पहुंच गया है। बुधवार सुबह जाखू की पार्षद अर्चना धवन शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज से मिलने उनके आवास पहुंच गई। सदन से ठीक पहले मंत्री से हुई पार्षद की मुलाकात पर नगर निगम में चर्चा का माहौल रहा।
अटकलें लगाई जा रही है कि सरकार भाजपा पार्षद से जुड़े इस मामले पर विवाद नहीं चाहती। इसलिए विपक्षी पार्षद अर्चना धवन से बातचीत कर विवाद का हल निकालने की पहल हो रही है। 15 दिन में नगर निगम से लेकर सचिवालय तक से इस मामले को शांत करने के प्रयास हो चुके हैं। खुद उप महापौर राकेश शर्मा भी सुलह की कोशिश कर चुके हैं।
हालांकि, जाखू पार्षद अर्चना धवन ने मंत्री के साथ हुई मुलाकात पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वह निजी काम से स्थानीय विधायक एवं शिक्षामंत्री से मिलने गई थी। पार्षद इसके बाद नगर निगम कार्यालय पहुंचीं जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के पार्षद उनसे मंत्री से हुई मुलाकात के बारे में जानकारी लेते रहे।
पार्षद के सवालों पर गरमाएगा सदन
बहरहाल पार्षद अर्चना धवन अभी भले ही विवाद पर कुछ नहीं कह रही लेकिन 29 जून को होने वाली नगर निगम की मासिक बैठक में इस मामले पर हंगामा होना तय है। पार्षद अर्चना धवन ने प्रोजेक्ट को लेकर सदन में सवाल लगाए हैं। इनमें पूछा है कि यह प्रोजेक्ट कब का है, किसने लाया? पूछा है कि आखिर दूसरे वार्ड की भाजपा पार्षद को किस आधार पर इस प्रोजेक्ट के लिए अवार्ड दिया है। पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि वह वार्ड की फॉरेस्ट कमेटी की अध्यक्ष हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट की फॉरेस्ट क्लीयरेंस की फाइल वह खुद तैयार करेंगी।
प्रोजेक्ट पर अवार्ड को लेकर मचा है घमासान
नगर निगम ने साल 2016 में जाखू में 40 लाख की लागत से रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट बनाने की योजना तैयार की थी। पूर्व बैनमोर पार्षद अनूप वैद्य ने यह प्रस्ताव लाया था। कुछ दिन पहले प्रोजेक्ट तब चर्चा में आया जब भाजपा पार्षद किमी सूद को इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने अवार्ड देकर सम्मानित किया। किमी सूद का दावा है कि उन्होंने ही अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। लेकिन जाखू पार्षद अर्चना धवन ने इस पर आपत्ति जता दी और काम रुकवा दिया। कहा कि उनके वार्ड में बन रहे प्रोजेक्ट का काम दूसरी पार्षद कैसे करवा सकती है।