बसों में ओवरलोडिंग को लेकर चले व्यापक अभियान के बीच आम लोगों को आवाजाही में पेश आ रही समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग ने बसों में ओवरलोडिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि बस की कुल सीटों के 25 फीसदी यात्री खड़े होकर सफर कर सकते हैं। इसे ओवरलोडिंग नहीं कहा जाएगा।
खड़े होकर सफर की सुविधा के लिए ही बसों में रेलिंग और हेंडल लगे होते हैं। मंगलवार को विभाग ने अपने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) को इसे लेकर स्पृष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा विभाग ने प्रदेश सरकार को भी इस व्यवस्था से अवगत करवा दिया है। बस आपरेटरों और आम लोगों की सूचना के लिए बुधवार को इसकी अधिसूचना भी जारी की जाएगी।
25 फीसदी यात्री खड़े कर सकते हैं सफर : पठानिया
परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने कहा कि बस में कुल सीटों के 25 फीसदी यात्री खड़े होकर सफर कर सकते हैं। इसे लेकर सरकार को भी सूचित कर दिया है। बुधवार को इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी।
40 सीटर बस में खड़ी हो सकती हैं 10 सवारियां
40 सीटर बस में 25 फीसदी के हिसाब से 10 सवारियां खड़े होकर सफर कर सकती है। इसे ओवरलोडिंग नहीं माना जाएगा।
परिवहन निदेशक ने ओल्ड बस स्टैंड में व्यवस्थाएं जांची
परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने मंगलवार देर शाम करीब साढ़े छह बजे ओल्ड बस स्टैंड पहुंच कर परिवहन व्यवस्था जांची। इस दौरान उन्होंने बसों में ओवरलोडिंग का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, 50 रूटों की जरूरत
डीसी अमित कश्यप ने कहा कि जिला शिमला के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि 50 रूट अतिरिक्त चलाने की जरूरत है। इनमें रामपुर , रोहडू, चौपाल और कुमारसेन में अतिरिक्त रूट चाहिए। इसी तरह शिमला शहर में सुबह 9 बजे से सुबह 10.15 और शाम 5 बजे से शाम 6.15 बजे तक अतिरिक्त बस सेवा की आवश्यकता है। इनमें दो मुद्रिका रूट , बस स्टेंड से आईएसबीटी , न्यू शिमला , झंझीड़ी और केल्टी के लिए जरूरत है। उपायुक्त ने कहा कि मंगलवार को इसकी रिपोर्ट सौंप दी है।