शिमला। गर्मियों के लिए स्वर्ग माने जाने वाली हिल्सक्वीन शिमला में भी पारा चढ़ने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान तीस का आंकड़ा पार कर 30.3 पहुुंच गया। अब तक 18 सालों में नौंवीं बार तीस से ऊपर शिमला का पारा पहुंचा है। तापमान में बढ़ोतरी के बाद मैदानों की तपिश से राहत पाने पहाड़ों पर आ रहे सैलानी भी परेशान हैं।
तेज धूप और शिमला के आसपास सुलग रहे जंगलों की आग को भी इस बढ़े तापमान का कारण माना जा रहा है। राजधानी में इस गर्मी से शहरवासियों के साथ ही मैदानी इलाकों से पहाड़ों की ताजी ठंडी हवा में घूमने का आनंद लेने आने वाले पर्यटकों को भी परेशान कर दिया है। पर्यटक भी रिज मैदान व माल रोड पर पेड़ों की छांव में खड़े रहने को मजबूर हो रहे है। शहर में सुबह और शाम तथा रात के तापमान में ठंडक जरूर पर्यटकों तथा लोगों को राहत प्रदान कर रही है लेकिन दिन के समय बाहर काम से निकलते ही पसीना-पसीना होना तय है। बढ़ी गर्मी के कारण शहर में शीतल पेय, जूस और फ्रिज में रखे बोतल बंद पानी की डिमांड एकाएक बढ़ गई है। दिन के समय रिज माल रोड पर पर्यटक भी निकल कर चहलकदमी करने से गुरेज करने लगे है।
पहाड़ाें की रानी में दुकानों में चल रहे पंखे, कूलर
बढ़ी गर्मी से निपटने के लिए माल रोड सहित लोअर बाजार की दुकानों में अब पंखे और कूलर चालू हो गए हैं। यदि इसी तरह से पारा चढ़ता रहा तो, मुश्किलें और बढ़ सकती है।
18 सालों में 10 जून को पहुुंचा था 31.5 तक पारा
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जून माह में पिछले 18 सालों में दस जून 2007 में तापमान सबसे अधिक 31.5 तक पहुंचा था। इसके अलावा वर्ष 2003 में तीन जून को 30.4, 10 जून 2005 में 30.5, 23 जून को 30.6, 2010 में 30.5, वर्ष 2012 को 31.0 तापमान रहा था। 2014 में 7 जून को 31.4 और 2017 में चार जून को तापमान 30.1 पार कर गया था।
अगले दो दिन में मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को माने तो अगले दिन शहर की जनता के लिए राहत भरे हो सकते है। दो दिन गर्जना के साथ तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।