ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन के 64वें वार्षिक समारोह के तीसरे दिन कालीबाड़ी हॉल और गेयटी थियेटर में नृत्य तथा नाटक स्पर्धाओं में कलाकारों ने दमदार प्रस्तुतियां देकर खूब रंग जमाया। प्रतियोगिता के तीसरे दिन शनिवार को करीब 120 प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। गुजरात से आए दिव्यांग बच्चों ने देश भक्ति पर आधारित प्रस्तुति देकर शहीदों को याद कर रण भूमि में उनकी वीरता को शानदार ढंग से पेश किया।
बच्चों ने तिरंगे को फहराते हुए वीरों की शहादत को सलाम किया। बच्चों की इस प्रस्तुति से खुश होकर लोग अपनी कुर्सी छोड़कर तालियां बजाने को मजबूर हो गए। ग्रुुप में करीब 11 बच्चों ने भाग लिया। इसके अलावा सुर्यांशी राय, ध्रुवी और मृदिंगी राथौड़ ने क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुति दी। दिया चौहान और हलक जोशी ने कथक की प्रस्तुति दी। वहीं गेयटी थियेटर में शनिवार को करीब 10 नाटकों का मंचन किया गया। नाटक में भूवनेशवर से आए कलादिका थियेटर एसोसिएशन ने चादर एक सच, नाटक का मंचन किया।
नाटक में समलैंगिक संबंधों को लेकर लोगों की गलत धारणा को दर्शाया है। नाटक में एक ही लिंग के दो लोग आपस में जब शादी कर लेते हैं तो किस तरह से उन्हें समाज के ताने झेलने पड़ते हैं को कलाकारों ने शानदार ढंग से दर्शकों के समक्ष रखा। नाटक में दमदार संवाद अदायगी और अभिनय के जरिये कलाकारों ने लोगों को सोच में बदलाव लाने का संदेश दिया। इस नाटक का निर्देशन अंकु अदम ने किया। स्टेज का संचालन लवली सिंह ने किया। शनिवार को करीब 400 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दस जून तक चलने वाले कार्यक्रम में कोई भी कलाकार भाग ले सकता है। प्रतियोगिता में किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसमें किसी भी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष रेखा गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम के तहत कलाकारों को एक मंच प्रदान किया जाएगा। सुरेश गौड़ ने बताया कि एसोसिएशन उनके पिता ने 1955 में बनाई थी। आज इसमें इनका पूरा परिवार काम कर रहा है। एसोसिएशन की अध्यक्ष रेखा गौड़ की बेटी रीती गौड़ कार्यक्रम में अपनी मुख्य भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम का सारा जिम्मा रिती गौड़ संभाल रही है।
आज इन नाटकों का होगा मंचन
रविवार सुबह 9 बजे से प्रतियोगिता शुरू होगी। नृत्य में हर राज्य की संस्कृति और बच्चों के डांस देखने को मिलेंगे। नाटक में मुख्य तौर पर आज छुट्टी है, बूनो, आप कौन चीज के, रसिक, अधूरा प्रचार आदि नाटकों का मंचन किया जाएगा।