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राजधानी में एक भी बूथ पर लीड नहीं दिला पाई 12 कांग्रेसी पार्षदों की फौज

Fri, 24 May 2019 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला
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कांग्रेस - फोटो : file photo
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चुनाव से पहले जीत का दावा करने वाले कांग्रेसी पार्षदों की फौज मोदी की आंधी के आगे ढेर हो गई। वार्डों में इनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 12 कांग्रेसी पार्षद शहर के एक भी बूथ से लीड नहीं दिला पाए। शिमला शहर के महज दो बूथों से कांग्रेस को लीड मिली है। यह दोनों बूथ भी भाजपा पार्षदों के वार्ड में शामिल हैं।

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कांग्रेस आलाकमान की ओर से सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपा था। इन्हें अपने वार्ड के बूथ से लीड दिलाने का टारगेट दिया था लेकिन 12 पार्षद मिलकर एक भी बूथ से कांग्रेस को लीड नहीं दिला पाए।

भाजपा के हारे हुए पार्षद इन पर भारी पड़े। वार्डों में लीड न दिला पाने के लिए कई पार्षद खुद भी जिम्मेदार रहे। ज्यादातर पार्षद सिर्फ दिखावे के लिए प्रचार करते रहे जबकि कई ऐसे थे जिन्होंने मतदान से एक दिन पहले ही वोट मांगे। मतदान के दिन भाजपा पार्षदों ने जहां अपने वार्ड के बूथों पर मोर्चा संभाले रखा था वहीं कांग्रेसी पार्षद इसे संगठन का काम बताकर घर में बैठे थे।
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पार्षदों ने पार्टी पर फोड़ा हार का ठीकरा
पार्षद पार्टी की करारी हार और वार्डों में लीड न दिला पाने के लिए संगठन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इनका कहना है कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ी। संगठन के कई गुटों में बंटने के कारण पार्षद भी अलग थलग पड़े रहे। शहर में कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड टूटीकंडी, नाभा, मज्याठ, भराड़ी, रामबाजार, लोअर बाजार, भट्ठाकुफर, शांति विहार, मल्याणा, कसुम्पटी, विकासनगर और न्यू शिमला में एक भी बूथ पर कांग्रेस लीड नहीं ले पाई।

भाजपा पार्षदों का क्लीन स्वीप
कांग्रेस पार्षद जहां एक भी बूथ पर लीड नहीं दिला पाए, वहीं सभी भाजपा पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों से भाजपा को लीड दिलाई। नगर निगम में भाजपा के कुल 20 पार्षद हैं। इन सभी पार्षदों के वार्डों में बने बूथों से भाजपा को जबरदस्त लीड मिली। इन पार्षदों ने जीत के बाद जश्न भी मनाया। शुक्रवार को भी ज्यादातर भाजपा पार्षद पार्टी की ओर से शहर में जगह-जगह मनाए जीत के जश्न में शामिल रहे।

सोशल मीडिया से कांग्रेस नेता गायब
भाजपा की जीत के साथ ही सोशल मीडिया से कांग्रेस नेता और पार्षदों ने फिलहाल दूरी बना ली है। भाजपा पार्षद और नेता जहां जश्न तथा जीत की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं वहीं, कांग्रेसी शांत बैठ हैं।

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