सर्दी का मौसम शुरू हो गया है और राजधानी में हीटर जुगनू की तरह टिमटिमाने लगे हैं। लो वोल्टेज के कारण पानी गर्म होने में भी सामान्य के मुकाबले दोगुना समय लग रहा है। लो वोल्टेज से शहर के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सर्दियों को लेकर बिजली बोर्ड की तैयारियों का हाल यह है कि तीन महीने पहले कार्ट रोड पर ओल्ड बेकरी बिल्डिंग के पास गिरे ट्रांसफार्मर को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है।
13 अगस्त को भारी बारिश के बाद नगर निगम के आजीविका भवन के निर्माणकार्य के दौरान भूस्खलन से ट्रांसफार्मर की बुनियाद गिर गई थी। ट्रांसफार्मर के पैनल भी गिर गए थे जिसके बाद एहतियातन ट्रांसफार्मर बंद कर दिया गया। सर्दियों से पहले बिजली बोर्ड ने लोगों की सुविधा के लिए ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने की जहमत नहीं उठाई।
काम चलाने के लिए आसपास के ट्रांसफार्मरों से लोड शेयरिंग की गई जिससे पूरे इलाके में लो वोल्टेज की समस्या पैदा हो गई। सर्दियों में पहले ही शहर को प्राइमरी वोल्टेज कम मिल रही है जिससे सेकेंडरी वोल्टेज भी कम हो गई है।
तीन महीनों से एक ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण नाम मात्र ही वोल्टेज है। आलम यह है कि सुबह और शाम के समय ठंड में हीटर न चलने के कारण स्कूल कालेज में पढ़ने वाले छात्रों, कर्मचारियों और कारोबारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नगर निगम की ओर से ट्रांसफार्मर के लिए साइट उपलब्ध करवा दी है। साइट डेवलपमेंट का काम चल रहा है चार दिन में ट्रांसफार्मर चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद लो वोल्टेज की समस्या पेश नहीं आएगी।
- राजेश चांदला अधिशासी अभियंता, शिमला सिटी, विद्युत बोर्ड
स्लाइड प्वाइंट पर ट्रांसफार्मर खड़ा करने की तैयारी
नगर निगम के निर्माणाधीन आजीविका भवन के पीछे जिस जगह भूस्खलन हुआ था बिजली बोर्ड उसी स्थान पर दोबारा ट्रांसफार्मर खड़ा करने के लिए साइट डेवलपमेंट में लगा रहा। बीते दिनों हुई बारिश के दौरान दोबारा भूस्खलन हुआ और साइट फिर क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके बाद बिजली बोर्ड ने नगर निगम ने ट्रांसफार्मर के लिए नई जगह मांगी। अब नगर निगम ने ट्रांसफार्मर के लिए नई जगह दे दी है, लेकिन अब तक नए स्थान पर ट्रांसफार्मर लगा कर चालू करने की जहमत नहीं उठाई गई है।