प्लानिंग एरिया शिमला में ढाई से अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने पर आज फैसला हो सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होगी। पिछले महीने हुई सुनवाई के दौरान हिमाचल सरकार अपना वकील कोर्ट में पेश नहीं कर पाई, इसके चलते यह मामला लटक गया था। इस बार टीसीपी और सरकार की ओर से हायर किए गए वकील इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
शिमला प्लानिंग एरिया में लोग ढाई मंजिला भवन बनाने को तैयार नहीं हैं। बीते पांच महीने से विभाग में एक्का दुक्का लोगों ने ढाई मंजिला भवन बनाने के लिए आवेदन किया है।
यही नहीं सरकार की नोडल एजेंसी हिमुडा का भी कंस्ट्रक्शन का काम प्रभावित हुआ है। एजेंसी ने जाठिया देवी में 300 बीघा जमीन पर कॉलोनियों का निर्माण करना है, लेकिन मंजिलें कम मिलने से यह काम रुका पड़ा है।
30 डिग्री एंगल की शर्त भी पड़ी भारी- एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में 30 डिग्री एंगल वाली जमीन पर भवन निर्माण करने को कहा है। शिमला की भौगोलिक स्थिति के चलते यह शर्त लोगों पर भारी पड़ रही है। सरकार ने एनजीटी में दायर की गई पुनर्विचार याचिका में इसे पहले की तरह 45 डिग्री किए जाने की गुहार लगाई है।