बुजुर्गों की कई उम्मीदें पूरी, कई रहीं अधूरी
पेंशन राशि और अंतरिम राहत से पेंशनर खुश
सचित्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जयराम सरकार का पहला बजट बुजुर्गों के लिए मिला-जुला रहा। सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन तो बढ़ाई ही, इसके साथ ही पेंशनरों को चार फीसदी अंतरिम राहत देकर बुजुर्गों को राहत भी दी है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र और देवभूमि दर्शन नाम से दो योजनाएं भी शुरू करने का फैसला लिया गया है। लेकिन, जो पेंशनर मूल पेंशन में 5-10-15 फीसदी के मुताबिक पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे, उन्हें निराशा हाथ लगी। साथ ही मेडिकल बिलों के समय पर भुगतान को लेकर भी बजट में प्रावधान नहीं है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा-
1. पहला बजट हमारे लिए अच्छा
स्वास्थ्य निदेशालय से सेवानिवृत्त गुलाब सिंह ठाकुर ने बजट को अच्छा बताया। कहा कि सरकार ने पहले बजट में बुजुर्गों को राहत देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। देवभूमि दर्शन और सुविधा केंद्र जैसी योजनाएं यदि लागू हुईं तो हमें लाभ होगा।
2. अंतरिम राहत का फैसला सराहनीय
कनलोग निवासी सुभाष वर्मा ने जुलाई 2017 से चार फीसदी अंतरिम राहत देने के सरकार के फैसले को सराहनीय बताया। कहा कि इससे हजारों बुजुर्ग पेंशनरों को फायदा होगा। साथ ही सामुदायिक केंद्र खोलने को भी अच्छा कदम बताया।
3. उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी पेंशन
आईपीएच से सेवानिवृत्त रूपचंद शर्मा ने कहा कि हमारी पुरानी मांग अधूरी रह गई। 65, 70 और 75 वर्ष की आयु के दौरान पेंशन में 5-10-15 फीसदी के मुताबिक मूल पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन इसका प्रावधान नहीं हुआ।
4. बिलों के समय पर भुगतान का भी होता जिक्र
वन विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी आरसी जोशी ने कहा कि बजट में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बिलों के समय पर भुगतान का जिक्र किया जाना चाहिए था। उम्मीद है सरकार ने जो सुविधा केंद्र की घोषणा की है, उसमें इस तरह की समस्याओं का हल होगा।
5. बढ़ी पेंशन से लाखों बुजुर्गों को फायदा
वरिष्ठ नागरिक दौलतराम चौहान ने कहा कि बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाकर 700 और 1300 कर दी है। इससे लाखों बुजुर्गों को फायदा होगा। इसके अलावा देवभूमि दर्शन बुजुर्गों के लिए जो नई योजना है, उससे भी फायदा होगा।