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एनजीटी के फैसले से स्मार्ट सिटी पर खतरा : विजेंद्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की शिमला शहरी कमेटी ने सोमवार को जगमोहन ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में बैठक की। इसमें माकपा ने आरोप लगाए कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण का यह फैसला हजारों लोगों के लिए तानाशाही पूर्ण है। माकपा के सदस्य जगमोहन ठाकुर का कहना है कि इस निर्णय को लेने से पूर्व नगर निगम, पंचायत और प्रदेश सरकार को भी विश्वास में लेकर राय नहीं ली गई है।
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जिला सचिव मंडल सदस्य विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एनजीटी की जो मानीटरिंग कमेटी है, उसमें अधिकतर सदस्य शिमला और प्रदेश सरकार के नहीं है। यह सदस्य बाहर के हैं। विजेंद्र ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले से स्मार्ट सिटी पर भी खतरा हो गया है। कोर एरिया में भवन निर्माण पर प्रतिबंध है। एनजीटी का यह निर्णय पूरी तरह से देश की संसद द्वारा पारित वनाधिकार कानून में आम जनता के अधिकारों पर हमला है। वहीं, शिमला शहरी के सचिव बलबीर पराशर ने कहा कि वह शिमला शहर और आसपास के इलाकों के लिए दिए गए एनजीटी के आदेशों पर चौदह दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का यह निर्णय जनता और लोकतंत्र विरोधी है। फैसले से जनता का जीना मुश्किल हो गया है।
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