अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम चुनाव के लिए मतदान होते ही मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए राजनीतिक दलों में माथापच्ची शुरू हो गई है। भाजपा और कांग्रेस ने मेयर पद के दावेदारों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। अगर कांग्रेस बहुमत में आती है और अनाडेल तथा नाभा वार्ड से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीतते हैं तो जैनी प्रेम और सिमी नंदा के बीच मेयर पद को लेकर जंग होगी। विकासनगर से कांग्रेस ने अपने समर्थित प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। कसुम्पटी से विधायक अनिरुद्ध सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि इस बार नगर निगम में मेयर पद कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से होगा। ऐसे में विकासनगर से आजाद प्रत्याशी के जीतने पर कांग्रेस की ओर से मेयर पद उसे देने का फैसला सभी को चौंका सकता है। उधर, अगर भाजपा को नगर निगम में बहुमत मिलता है और अनाडेल, नाभा तथा विकासनगर वार्ड से पार्टी के समर्थित प्रत्याशी जीतते हैं तो कुसुम सदरेट, हिमा कश्यप और सुमन मेयर पद की दावेदार होंगी। उधर, डिप्टी मेयर के पद के लिए दोनों ही राजनीतिक दलों में कई दावेदार हैं। डिप्टी मेयर का चयन करना दोनों ही दलों के लिए आसान रहने वाला नहीं है। कांग्रेस के बहुमत में आने पर और टुटीकंडी, लोअर बाजार, कैथू वार्ड जीतने पर आनंद कौशल, देवेंद्र चौहान और इंद्रजीत सिंह के बीच डिप्टी मेयर पद के लिए मुकाबला होगा। भाजपा के बहुमत में आने पर और रुल्दूभट्ठा, ढली वार्ड जीतने पर संजीव शर्मा और शैलेंद्र चौहान डिप्टी मेयर पद के प्रमुख दावेदार होंगे।
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किंग मेकर बनकर मेयर बनाने की जुगत में माकपा
भाजपा और कांग्रेस जहां नगर निगम में बहुमत लाने में जुटे हैं वहीं माकपा का गणित कुछ अलग ही है। माकपा नेताओं का मानना है कि निगम में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलेगा। माकपा किंग मेकर की भूमिका निभाएगी। पार्टी ने कृष्णानगर वार्ड को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। यहां से पार्टी ने अनुसूचित जाति की प्रत्याशी सोनिया को उतारा है। पार्टी इस सीट को पक्का मान कर चल रही है। पार्टी का दावा है कि हम उसी दल को समर्थन देंगे जो हमारी पार्टी को मेयर का पद देगा।