रिपोर्ट के अनुसार जून 2018 तक ऊना मंडल ने परियोजना पर 17.48 करोड़ का व्यय किया। नाबार्ड के तहत 36.23 करोड़ का प्रशासनिक अनुमोदन एवं व्यय स्वीकृति प्रदान दिसंबर 2015 में प्रदान की। आठ साल से अधिक समय में परियोजना पूर्ण नहीं हुई और 17.48 करोड़ का निवेश निरर्थक रहा। आनी और सुंदरनगर मंडलों के अभिलेखों की छानबीन से सामने आया है कि 10,789 लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना था।
उपायुक्त कुल्लू ने सात ग्राम पंचायतों के लिए पेयजल योजना को 7.48 करोड़ मंजूर कराए। मुख्य अभियंता मंडी ने 7.49 करोड़ का तकनीकी उन्मोदन प्रदान किया। विभाग ने 5.53 करोड़ और उपायुक्त कुल्लू से स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 1.53 करोड़ प्राप्त किए। कार्य पूरा करने के लिए 5.76 करोड़ एक ठेकेदार को दिए। 4.55 करोड़ की लागत कार्य का निष्पादन किया। शेष कार्य नहीं हो सका।