छात्रवृत्ति घोटाले के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन
गड़बड़झाले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की उठाई मांग
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत इकाई के आह्वान पर वीरवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर छात्रवृत्ति के प्रदेश में हुए 210 करोड़ के घोटाले को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा देने की मांग की। प्रदर्शन में एबीवीवी की प्रांत मंत्री हेमा ठाकुर सहित संगठन के कई नेताओं ने भाग लिया। हेमा ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से कई सालों में पिछली सरकार ने कई छात्र विरोधी फैसले छात्रों पर थोपे हैं, वहीं उसी सरकार के कार्यकाल में करोड़ों का यह छात्रवृत्ति घोटाला हुआ। सरकार ने एससी/एसटी की छात्रवृत्ति को निजी हाथों में सौंपा, जिसे निजी संस्थान डकार गए और पात्र तथा जरूरतमंदों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया। यह सब पिछली सरकार के कार्यकाल में ही हुआ। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग उठाई कि करोड़ों के इस घोटाले की जांच की जाए और इसमें जो भी संलिप्त हो, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि उन्हें जल्द गिरफ्तार न किया गया तो एबीवीपी ने चेताया कि यदि ऐसा न हुआ तो एबीवीपी उग्र आंदोलन खड़ा करेगी।
विवि के यूआईआईटी के निदेशक बने प्रो. पीएल शर्मा
एचपीयू के यूआईआईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इनफारमेशन टैकभनोलॉजी) के निदेशक के पद पर गणित विभाग के प्रो. पीएल शर्मा की तैनाती की गई है। कुलपति सिकंदर कुमार ने पदभार संभालने के बाद अपनी टीम में प्रो. शर्मा को शामिल किया है। वह पूर्व में निदेशक रहे प्रो. मनु सूद का स्थान लेंगे। तैनाती के आदेश जारी होने के बाद वीरवार को प्रो. पीएल शर्मा ने निदेशक का कार्यभार भी संभाल लिया है। उन्होंने इसके लिए कुलपति का आभार जताया। नए निदेशक 35 सालों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। वह मूलत: गणित विभाग के प्रोफेसर हैं और अपने विषय में पीएचडी हैं। उन्होंने कंप्यूटर में इग्नू से एमसीए कोर्स किया है। उन्होंने अब तक छह पीएचडी और 18 एमफिल करवा दी हैं। उन्होंने 54 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और पांच किताबें लिख चुके हैं। उन्होंने पदभार संभालने के बाद कहा कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि बीटेक कोर्स पास कर निकलने वाले छात्र-छात्राएं सिर्फ पढ़ाई पूरी कर डिग्री धारक न बनें, वे एक अच्छा रोजगार भी पाएं।