शहर की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गिरि खड्ड पर डैम बनाकर राजधानी का पेयजल संकट खत्म किया जाएगा। इसके लिए वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के माध्यम से देहा नाला और गिरि नदी के मिलन क्षेत्र पर चेकडैम बनाने की योजना चल रही है।
आईपीएच सचिव देवेश कुमार ने शुक्रवार को आईपीएच और नगर निगम के अधिकारियों के साथ गिरि परियोजना का दौरा किया। इस दौरान डैम बनाने की योजना को लेकर भी ग्रेटर शिमला वाटर सर्किल और आईपीएच अधिकारियों से अपडेट ली। बताया जा रहा है कि डैम बनने से करोड़ों लीटर पानी यहां स्टोर हो सकेगा।
गर्मियों के दिनों में इस डैम से जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जा सकेगा। यह पानी करीब 20 मीटर दूर स्थित पंपिंग स्टेशन के जरिये शिमला पहुंचेगा। यही नहीं जिस जगह यह डैम बनाया जा रहा है, वह काफी संकरी है। ऐसे में डैम बनाने का खर्च भी कम होगा। दूसरा यहां आसपास कोई रिहायश भी नहीं है। ऐसे में योजना लागू करने में ज्यादा दिक्कतें आड़े नहीं आएंगी।
डैम का तैयार हो रहा डिजाइन
निगम अधिकारियों के मुताबिक यह डैम दस से 15 मीटर ऊंचा होगा। यह ऐसा क्षेत्र है जहां गर्मियों में भी पानी रहता है। डैम को डिजाइन करने का जिम्मा पावर कार्पोरेशन को दिया है। इस योजना पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। गिरि परियोजना शहर की सबसे बड़ी परियोजना है जिससे करीब 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। लेकिन गर्मियों में इसकी सप्लाई 15 एमएलडी से भी कम हो जाती है। अब डैम बनने से यह आपूर्ति सामान्य रह सकेगी।
जलसंकट खत्म होने के साथ गाद रुकेगी
इस डैम के बनने से गर्मियों में शहर के लिए पानी की आपूर्ति बढ़ सकेगी। वहीं, ठियोग और साथ लगते इलाकों में नालों से होकर आने वाले गाद भी डैम में रुक सकेगी। गाद रोकने के लिए भी डैम में खास प्रबंध किए जाएंगे।
चेकडैम को लेकर योजना तैयार की जा रही है। पावर कार्पोरेशन इसका डिजाइन तैयार कर रहा है। प्रयास है कि जल्द योजना का काम शुरू हो सके। वर्ल्ड बैंक के तहत इसे शुरू करने की योजना है।
- राजेश कश्यप, अधिशासी अभियंता, ग्रेटर शिमला वाटर एंड सीवरेज सर्कल