शिमला। कूड़े की फीस में लाखों के घपले के बाद नगर निगम पर एक और मुसीबत आ गई है। शहर में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के आठ सौ से ज्यादा कर्मचारियों की तनख्वाह पर संकट मंडरा गया है।
नगर निगम जिस खाते से इन्हें तनख्वाह देता है, उसे ईपीएफओ ने सीज कर दिया है। निगम से समय पर देनदारी का भुगतान न होने पर संगठन ने खाता फिलहाल बंद कर दिया है। ऐसे में इस खाते से होने वाला लेन देन बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार नगर निगम को सैहब सोसायटी के कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई का करीब दो करोड़ रुपये जमा करवाना है।
इसमें से 1.70 करोड़ रुपये जमा करवाया जा चुका है। अब 30 लाख जमा करवाने हैं। लेकिन मार्च में समय पर इसका भुगतान नहीं हो पाया जिसके बाद खाता सीज कर दिया गया। हालांकि, नगर निगम का दावा है कि पैसों की कमी नहीं है। अब नगर निगम की मासिक बैठक में इस मामले पर चर्चा की तैयारी है। सदन से प्रस्ताव मंजूर करवाकर ईपीएफ के सारे 30 लाख जमा करवाने का दावा किया जा रहा है।
खाता बंद, तनख्वाह के लिए करना होगा इंतजार
इस माह नगर निगम को रुल्दूभट्ठा वार्ड के करीब दो दर्जन कर्मचारियों को तनख्वाह देनी है। लेकिन खाता सीज होने से यह भुगतान भी नहीं हो पाया है। अब संकट यह मंडरा रहा है कि यदि नगर निगम ने अगले कुछ दिन में देनदारी चुकाकर खाता बहाल नहीं करवाया तो सैकड़ों कर्मचारियों को तनख्वाह के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
इसलिए बढ़ी है निगम की मुसीबत
नगर निगम ने शहर में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए सैहब सोसायटी तो बना दी। लेकिन कई साल तक सोसायटी के कर्मचारियों को न तो ईपीएफ की सुविधा दी और न ही ईएसआई की। नियमों के अनुसार दोनों सुविधाएं कर्मचारियों को मिलनी चाहिए।
नोटिस मिलने के बाद सारा बोझ निगम पर ही पड़ गया। ईपीएफ और ईएसआई का कर्मचारियों और नियोक्ता का शेयर भी अब नगर निगम भर रहा है। कुल दो करोड़ रुपये निगम को चुकाना है जिसमें किस्तों में अब तक 1.70 करोड़ रुपये भरा जा चुका है।
कर्मचारियों को नहीं होने दिया जाएगा परेशान
देनदारी का समय पर भुगतान न होने से ईपीएफओ ने खाता सीज किया है। कर्मचारियों की तनख्वाह को लेकर दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। खाते में लेन देन शुरू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
- कुसुम सदरेट, नगर निगम, महापौर