अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को 24 घंटे पानी देने की योजना पर आज बड़ा फैसला आ सकता है। सरकार, नगर निगम और वर्ल्ड बैंक की टीम की वीरवार को प्रदेश सचिवालय में अहम बैठक होने जा रही है। इसमें 750 करोड़ रुपये के सतलुज वाटर प्रोजेक्ट शुरू करने पर अहम फैसला लिया जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग करने वाले वर्ल्ड बैंक की दो सदस्यीय टीम शिमला पहुंच गई है। यह टीम मंगलवार शाम को शिमला पहुंची है। बुधवार को टीम ने प्रदेश सचिवालय में सरकार के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा की। पहले स्थानीय विधायक व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और फिर सीएम की सलाहकार मनीषा नंदा के साथ बैठक हुई। इस दौरान शहर में इस प्रोजेक्ट को चलाने का जिम्मा संभालने वाले शिमला ग्रेटर वाटर सर्कल के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल, अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप और निगम अभियंता विजय गुप्ता भी शामिल रहे। शाम साढ़े छह बजे तक सचिवालय में अलग अलग अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा होती रही। प्रोजेक्ट को लेकर वीरवार को मुख्य सचिव के साथ अहम बैठक होने वाली है। इसी में तय होगा कि प्रोजेक्ट शिमला को मिलना है या नहीं।
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शर्तें पूरा करने पर ही मिलेगा प्रोेजेक्ट
लोगों को 24 घंटे पानी देने का यह महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट तभी सिरे चढ़ पाएगा जब सरकार और नगर निगम वर्ल्ड बैंक की शर्तें पूरी करेंगे। वर्ल्ड बैंक की टीम ने प्रोजेक्ट चलाने के लिए एक अलग विभाग बनाने, अधिकारी तैनात करने, इन्हें प्रशासनिक शक्तियां देने और कस्टमर केयर जैसी सुविधाएं देने की शर्तें लगाई हैं। दिसंबर में भी वर्ल्ड बैंक की टीम शिमला आई थी। उस समय निगम और सरकार ने टीम की सारी शर्तें पूरी करने की हामी भरी थी। लेकिन फरवरी तक कोई फैसला नहीं लिया है। वर्ल्ड बैंक तभी पैसा देगा जब सरकार इसकी शर्तें पूरी करेगा।
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शहर को मिलना है 55 एमएलडी पानी
सतलुज वाटर प्रोजेक्ट से शिमला को करीब 55 एमएलडी रोजाना पानी मिलेगा। इससे शिमला के साथ साथ प्लानिंग एरिया में भी निगम पानी की सप्लाई दे सकेगा। वर्तमान में शहर को 45 एमएलडी तक पानी की जरूरत पड़ती है जबकि सप्लाई 40 एमएलडी तक मिल रही है।