शिमला। मुख्य शहर के विंटर फील्ड में लोनिवि के कार्यालय के पास सड़क की दूसरी ओर बने बने ढारे में रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अचानक आग लग गई। आग से इस रिहायशी ढारे में किचन और बेडरूम का सामान जल गया। सूचना मिलने पर माल रोड से अग्निशमन विभाग का बचाव दल मौके पर पहुंचा। गनीमत रही कि रेगुलेटर बंद होने के कारण गैस ने आग नहीं पकड़ी। इसके चलते जवानों ने उसे बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं इन्हीं ढारों के साथ सेना के के रोसिन स्टोर को सुरक्षित बचा लिया गया, जिसमें 6 ड्रम स्टोर किए गए थे। यदि आग इन तेल के ड्रम तक पहुंचती तो और तबाही मच सकती थी।
जानकारी के मुताबिक जिस ढारे में आग लगी, उसमें लोनिवि की एक महिला कर्मी निर्मला रहती थी। आग की घटना के समय वह घर पर नहीं थी। कमरे में ताला लगा हुआ था। अग्निशमन विभाग के माल रोड स्टेशन से मौके पर पहुंचे दो वाटर टेंडर, एक क्यूआरवी की मदद से एक अधिकारी डीसी शर्मा और एक लीडिंग फायरमैन सुधाकर प्रसाद व नौ जवानों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को शांत किया और कमरे से कुछ सुरक्षित बचाया। इस घटना में किचन के सामान के साथ करीब 50 हजार का नुकसान आंका गया है। माल रोड स्थित अग्निशमन केंद्र के अधिकारी डीसी शर्मा ने बताया कि आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए है। आग लगने की सूचना सुबह 6:38 मिनट पर माल रोड फायर स्टेशन को मिली, जिस पर बचाव दल मौके पर पहुंचा। आठ बजे तक आग बुझाने का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि सेना के केरोसिन स्टोर, साथ में बने ढारों और अस्थायी रिहायश को बचा लिया गया था।