अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर का पद हारने के बाद कांग्रेस समर्थित सभी 14 पार्षदों ने सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आफिस में हाजिरी भरी। इस दौरान भावुक हुई कुछ महिला पार्षदों ने मुख्यमंत्री के सामने कह डाला कि सीएम साहब! कांग्रेस की काली भेड़ आपके सामने खड़ी हैं। हमारे बीच में से ही किसी एक पार्षद ने कांग्रेस पार्टी से गद्दारी की है। भावुक महिला पार्षदों सहित निराश खड़े अन्य पार्षदों को मुख्यमंत्री ने शांत करते हुए कहा कि क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षद को खुद ही इसकी सजा मिल जाएगी। उन्होंने सभी पार्षदों से जनता की समस्याओं को प्रमुखता से हल करने को कहा।
बचत भवन में मेयर-डिप्टी मेयर के चयन में 34 में से कुल 33 पार्षदों ने भाग लिया। माकपा की समरहिल से जीती पार्षद ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। 33 पार्षदों में से 19 पार्षद भाजपा समर्थित थे जबकि 14 पार्षद कांग्रेस समर्थित थे। मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को तो अपने सभी 19 वोट मिल गए लेकिन कांग्रेस को 13 वोेट ही मिले। एक वोट रद्द हो गया। बचत भवन में मौजूद सभी पार्षद परिणाम सुनते ही चौंक पड़े। कांग्रेस के सभी पार्षद एक-दूसरे को देख कर बात करने लगे कि किसने मतपत्र पर गलती कर दी। इसके बाद निकले डिप्टी मेयर पद के परिणाम ने तो सबको हैरत में डाल दिया। चुनाव परिणाम में भाजपा को 20 और कांग्रेस को 13 वोट ही मिले। इस परिणाम के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के ही किसी एक समर्थित प्रत्याशी ने भाजपा के लिए क्रॉस वोटिंग की है। उधर, भाजपा के समर्थित पार्षद परिणाम घोषित होते ही झूम उठे। भाजपाई कहने लगे कांग्रेस तो अपने पार्षदों को भी संभाल नहीं सकी।