हिमाचल के राशन डिपुओं में इस महीने प्रति कार्ड 13 किलोग्राम की बजाय 14 किलोग्राम आटा मिलेगा। एलोकेशन सरप्लस होने पर सरकार ने उपभोक्ताओं को इस बार ज्यादा आटा देने का फैसला लिया है।
सरकार ने सभी खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को 14 किलोग्राम के हिसाब से मीलों को गंदम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि समय पर उपभोक्ताओं को आटा मिल सके।
हिमाचल में राशन कार्ड उपभोक्ताओं की संख्या साढ़े सोलह लाख है। इसमें एपीएल परिवारों की संख्या साढ़े बारह लाख है जबकि अन्य अंत्योदय और बीपीएल परिवार हैं।
जल्द तय होंगे रिफाइंड के रेट
सरकार एपीएल परिवारों को आटा उपलब्ध कराती है जबकि अंत्योदय और बीपीएल परिवारों को गंदम उपलब्ध कराया जाता है। गरीब परिवारों को गंदम 2 रुपये प्रति किलोग्राम जबकि एपीएल परिवारों को आटा 8 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दिया जाता है। गंदम की पिसाई का खर्च भी एपीएल उपभोक्ताओं से वसूल किया जाता है।
रिफाइंड के रेट तय नहीं
प्रदेश सरकार राशन कार्ड उपभोक्ताओं को दिसंबर से सरसों तेल की जगह रिफाइंड मुहैया कराएगी। 15 नवंबर से रिफाइंड की सप्लाई आना शुरू हो जाएगी। रिफाइंड का रेट क्या होगा, अभी डीएफसी को इस बारे में कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
उड़द दाल के बढ़ सकते हैं दाम
प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को 41 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उड़द दाल दे रही है। खाद्य आपूर्ति निगम इसमें एक रुपये का इजाफा करने पर विचार कर रहा है। दाल चना और काबुली चना के दाम में 3 से 4 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली का कहना है कि एलोकेशन सरप्लस होने पर खाद्य आपूर्ति निगम के पास आटा अधिक था। इसके चलते सरकार ने लोगों को एक किलोग्राम अतिरिक्त आटा देने का फैसला लिया है।
डीएफसी को 13 के बजाय 14 किलोग्राम के हिसाब से आटा देने को कहा है। डिपो होल्डरों से भी 14 किलोग्राम के हिसाब से पैसे लिए गए हैं।