ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद सब्जी और सेब की कीमतों में भारी उछाल आया है। तीन दिन पहले 60 से 65 रुपये बिक रही फ्रांसबीन रविवार को ढली सब्जी मंडी में रिकॉर्ड 95 रुपये प्रति किलो बिकी। शिमला के देहा का रेडलुम गाला सेब जयपुर मंडी में 160 रुपये प्रति किलो बिका। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान झेल चुके सब्जी और सेब उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। हड़ताल खत्म होने के बाद सब्जी और सेब की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं।
शिमला सहित देश भर की मंडियों में सेब और सब्जियों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। बंद गोभी की कीमत में भी शुक्रवार के मुकाबले दोगना उछाल आया। शुक्रवार को बंद गोभी 12 से 13 रुपये प्रति किलो बिकी थी, जबकि शनिवार को दाम 26 रुपये प्रति किलो बिकी। हरीश फ्रूट एजेंसी के संचालक सन्नी वर्मा ने बताया कि हड़ताल के चलते मंडियां खाली थी, जबकि डिमांड अधिक थी। बीते दिनों बारिश होने के कारण तुड़ान भी नहीं हो पाया, इसलिए रविवार को जितना माल पहुंचा उसे अच्छे रेट मिले।
कुफरी के मुंडाघाट, शिलोनबाग, फागू के टिलायी, चियोग, सतोग और ठियोग के धर्मपुर सहित साथ लगते क्षेत्रों से सब्जी की खेप रविवार को ढली सब्जी मंडी पहुंची।उधर रविवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब की स्पर किस्त 2800 रुपये प्रति पेटी, रायल 2600 और रेड गोल्ड 1400 रुपये प्रति पेटी बिका। इतना ही नहीं प्रदेश के बाहर भी सेब की विदेशी किस्मों को रिकार्ड रेट मिले हैं। देहा से शुक्रवार को जयपुर भेजा गया रेडलुम गाला सेब रविवार को 160 रुपये प्रति किलो बिका। रेडलुम गाला ने पिछली साल 155 रुपये प्रति किलो बिके जेरोमाइन का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। रेडलुम गाला सेब की खासियत है कि यह किसी भी ऊंचाई पर पैदा हो सकता है।
-ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद सेब और सब्जी की कीमतों में उछाल आया है। भट्ठाकुफर फल मंडी में स्पर किस्म का सेब 2800 से 2900 रुपये प्रति पेटी बिका है जबकि सब्जियों में फ्रांसबीन 95 रुपये प्रति किलो बिकी है। - हरीश ठाकुर, अध्यक्ष आढ़ती एसोसियेशन शिमला
-रेडलुम गाला के 49 नग शुक्रवार को जयपुर भेजे थे। रविवार को सेब 160 रुपये प्रतिकिलो बिका है। रेडलुम गाला चार साल में तैयार हुआ है।
- शिव सिंह चंदेल सेब उत्पादक, तारापुर (देहा)