शहर के प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगाने का प्रोजेक्ट लटक गया है। करीब 90 लाख रुपये जमा करवाने के बावजूद बिजली बोर्ड लाइटें नहीं लगवा रहा। साल 2015 से लेकर अब तक तीन साल में एक भी नई हाई मास्ट लाइट नहीं लगी है। विभाग ने काम के नाम पर कुछ जगहों पर गड्ढे खोदे हैं तो कहीं खाली पोल खड़े किए हैं। इस लेटलतीफी पर अब नगर निगम पार्षदों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
इनका कहना है कि बिजली बोर्ड निगम के जमा करवाए लाखों रुपये पर ब्याज डकार रहा है। निगम क्षेत्र में कुल 12 हाईमास्ट लगाने के लिए निगम ने स्थान चिन्हित किए थे। इनमें आठ का करीब 60 लाख रुपया साल 2015 में निगम ने बिजली बोर्ड के पास जमा करवा दिया। वहीं, चार लाइटों का करीब 30 लाख रुपये पिछले साल जमा करवाया गया। निगम ने इनके छह मीटर लगाने के भी 35 हजार जमा करवा दिए लेकिन आज तक न पोल लगा, न लाइट आई।
इन स्थानों पर लगनी हैं हाईमास्ट लाइटें
निगम ने मल्याणा, समिट्री, कसुम्पटी, रेलवे स्टेशन, टुटू समेत 12 जगहों पर ये लाइटें लगानी थीं। लेकिन ज्यादातर जगहों पर महज गड्ढे की खुदाई और पोल खड़ा करने तक का काम ही पूरा हो पाया है। वहीं, दो लाइटों के टेंडर अभी होने हैं। कसुम्पटी पार्षद राकेश चौहान का कहना है कि यदि बिजली बोर्ड ठेकेदार से यह काम नहीं करवा पा रहा तो दूसरे को काम दे दें।
कहा कि बोर्ड की लापरवाही से जनता को सुविधा नहीं मिल पा रही। पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि सिमिट्री के पास लाइट लगाने के लिए दो साल पहले उन्होंने खुद पार्षद रहते लाखों रुपये जमा करवाए थे, लेकिन लाइट आज तक नहीं लगी।
लाइटें क्यों नहीं लगीं, लेंगे जानकारी
शहर में कुछेक लाइटों का काम शुरू हो चुका है। जबकि तीन के टेंडर कर दिए गए हैं। तीन साल पहले की लाइटें लगी या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। इस बारे में जल्द ही जानकारी ली जाएगी। - लोकेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड