प्रस्तावित मंडी नगर निगम में शामिल करने के विरोध में 13 पंचायतों के 25 राजस्व गांव के लोगों ने रैली निकालकर विरोध जताया। लोगों ने पड्डल मैदान से लेकर डीसी कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। इसके बाद लोगों ने उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर के माध्यम शहरी विकास विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन से सभी पंचायतों के लोगों ने अपनी-अपनी आपत्तियां दर्ज करवाईं।
इस मौके पर ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रवि चंदेल ने कहा कि शहरी विकास विभाग ने नगर निगम गठन के बारे में आपत्तियां को दर्ज करने की अंतिम तिथि 8 अक्तूबर कर दी। 13 पंचायतों के 25 राजस्व गांवों के लोगों ने मंडी नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया है। इस संबंध में अपनी-अपनी आपत्तियां दर्ज करवाई हैं।प्रदर्शन में राजस्व मुहाल नेला, चडयाणा, डीपीएफ, कांगनी, तलयाहड़, मन्याना, सन्यारढ, मंडवाहण, पंजैहटी, बिजली, भयुली, अरढा, बाड़ी, शीलाकिपड़, चढ़यारा, छिपणू, ओटा, गुटर, चलाह, बगला, दौहंदी, चंडयाल, भडयाल, बैहना, भरोण, दुदर गांवों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने सरकार से ग्रामीणों की आपत्तियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी गांवों को नगर निगम से बाहर रखने की मांग की। इस मौके पर महिला मंडल और अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा समिति के प्रवक्ता राजेंद्र मोहन, सदस्य कर्म चंद सैनी, ध्यान सिंह गुलेरिया, बिजली पंचायत प्रधान तारा देवी, सुमित्रा सेन, भूपेंद्र गुलेरिया, घनश्याम गुलेरिया और अन्य मौजूद रहे।