पांव फिसल जाने के कारण नाले में बह रहे पिता को बचाने के लिए 12 साल की मासूम पानी में कूद पड़ी। मगर एकाएक यह खुद तेज बहाव की चपेट में आ गई। अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। यह दर्दनाक हादसा हिमाचल के बिलासपुर में सामने आया।
यहां धराड़सानी नाले में पानी के तेज बहाव में फंसे पिता को बचाने के लिए बहादुर बेटी जान की परवाह किए बगैर पानी में कूद गई। मगर इस कोशिश में वह खुद ही नाले में पानी के तेज बहाव बह गई। अभी तक मासूम का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
परिवार के अन्य तीन सदस्यों ने मुश्किल से अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम को 12 साल की अनिषा और उसका भाई आशीष ऋषिकेश में ट्यूशन पढ़ने गए थे। जबकि उनके पिता झंडूता तहसील कार्यालय में वरिष्ठ अधीक्षक है।
जो झंडूता से घर आ रहे थे। बच्चों की दादी बारिश होने के कारण छाता लेकर बच्चों को लेने ऋषिकेश आई थी। इसके बाद चारों एक साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान नाला पार करते समय पिता पानी में फिसल गए। बेटी ने देखा की पिता पानी में फिसल गए हैं तो उसने पिता को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी।
पिता तो बच गए मगर बह गई मासूम
मगर पानी के तेज बहाव से वह अपने आप को नहीं बचा सकी और बह गई। इसके बाद किसी तरह से परिवार के सदस्यों ने नाला पार किया और इसकी सूचना आसपास के ग्रामीणों को दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
ग्रामीणों और पुलिस ने अनिषा की तलाश शुरू की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। मंगलवार सुबह से ही नाले में अनिषा की तलाश के लिए प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके बाद साथ ही गोताखोरों को भी बुलाया गया है। मगर देर शाम तक बच्ची को कोई सुराग नहीं लग पाया है।
एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि नाले में पानी का जल स्तर बढ़ने से यह हादसा पेश आया है।
...और आंखों के सामने पानी में बह गई लाडली
पिता की आंखों के सामने उनकी लाडली पानी के तेज बहाव में बह गई। मगर चाहकर भी कोई कुछ नहीं कर पाए। बेटी के पानी में बहने से घर में सन्नाटा छाया है। दादी और भाई सदमे में हैं कि आंखों के सामने अनिषा पानी में बह गई।
दादी और भाई को अभी भी भरोसा है कि अनिषा सही सलामत वापस आएगी। अनिषा सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। पिता अच्छदेव कहते है कि भारी बारिश होने के कारण घर के नजदीक नाले में एक दम पानी बढ़ने के कारण वह मां और बेटे को बचाते हुए नाले में फिसल गए। बेटी ने देखा कि पिता पानी में बह रहे हैं तो उसने भी नाले में छलांग लगा दी।
मगर पानी का अधिक बहाव होने के कारण उनसे बेटी का हाथ छूट गया और वह नाले में बह गई। इतना कहते ही पिता की आंखें भर्र आइं। इस घटना से पूरे इलाके में मातम का माहौल है। परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं अनिषा को तलाश करने के लिए ग्रामीणों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। मासूम की तलाश अभी भी जारी है।
एसडीएम आदित्य नेगी खुद संभाला मोर्चा
घटना ेकी सूचना मिलते ही एसडीएम घुमारवीं आदित्य नेगी ने खुद बचाव कार्य का मोर्चा संभाला। पुलिस विभाग सदर के प्रभारी सीता राम संधू भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और होमगार्ड के 12 जवानों के साथ तलाश में जुट गए हैं। झंडूता तहसीलदार रामेश्वर गौतम और पटवारी सुरेंद्र पाल ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को 20 हजार की फौरी राहत जारी की है।