बिलासपुर जिले में पुलिस थाना झंडूता के जेठवीं गांव में एक 12 वर्षीय बालक ने फंदा लगाकर जान दे दी। स्कूल से लौटकर बच्चे ने यह कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पुलिस थाना झंडूता के जेठवीं गांव में एक 12 वर्षीय बालक ने फंदा लगाकर जान दे दी। स्कूल से लौटकर बच्चे ने यह कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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जानकारी के अनुसार सूर्यांश ठाकुर सातवीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता जसमेर सिंह अपनी क्लीनिक लेबोरेटरी चलाते हैं और माता भी झंडूता में क्लीनिक लेबोरेटरी चलाती हैं। सूर्यांश अपने माता-पिता के साथ जेठवीं गांव में किराए के घर में रहता था। सोमवार को सूर्यांश स्कूल गया। दोपहर के समय उसने पिता को फोन किया कि स्कूल में डेस्क से उसके घुटने में चोट लग गई है।
जब उसके पिता शाम को घर पर आए तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने जोर से अपने बच्चे को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब न मिला। इसके बाद जोर से धक्का दिया और दरवाजा खुल गया। जब कमरे के अंदर देखा तो सूर्यांश दुप्पटे के साथ पंखे से फंदा लगाकर लटका हुआ था। लोगों ने सूर्यांश को फंदे से नीचे उतारा और गले में से फंदा खोला। उसे इलाज के लिए झंडूता अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की पुष्टि एएसपी शिव चौधरी ने की है।