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आईजीएमसी में प्रतिबंधित दवा का इंजेक्शन लेते पकड़ा मरीज

Mon, 10 Sep 2018 11:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में प्रतिबंधित दवा का इंजेक्शन लेते हुए एक व्यक्ति को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा। उसे कर्मियों ने पुलिस के हवाले किया है। लेकिन व्यक्ति के पास कुछ न मिलने की बात कहकर उसे छोड़ दिया गया।

 

हालांकि, अस्पताल में प्रतिबंधित दवाई का इंजेक्शन लेकर आए मामले पर पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उन्हें जिस इंजेक्शन के बारे में जानकारी मिली है, वह पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह दवा अस्पताल या आसपास नहीं मिलती है। केवल सप्लाई में ही मंगवाई जाती है। ऐसे में उक्त व्यक्ति के पास कैसे वह दवा पहुंची यह जांच का विषय है?

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पुलिस के मुताबिक शनिवार रात दस बजे सुपर स्पेशलिटी वार्ड के बाहर बने रैंप पर सोने आया एक व्यक्ति इंजेक्शन ले रहा था। इसी बीच अस्पताल के सुरक्षा कर्मी बबलू, देवराज और जगन पाल गश्त करते हुए पहुंचे। सवाल किया तो उसने बताया कि वह मरीज है और उसे इंजेक्शन लेने के लिए कहा गया है क्योंकि वह नशे का आदी है। इसलिए उसे यह इंजेक्शन नींद के लिए दिया गया है। लेकिन इंजेक्शन के बारे में जब जानकारी ली गई तो मालूम हुआ कि इसे नहीं दिया जा सकता।

अस्पताल के सुरक्षा कर्मी को जब यह व्यक्ति संदिग्ध लगा तो उसे पुलिस चौकी ले आए। पुलिस पूछताछ में मालूम हुआ कि यह व्यक्ति पठानकोट का रहने वाला है। कई दिनों से अस्पताल में उपचार भी करवा रहा है। लेकिन पूछताछ के दौरान किसी भी तरह की प्रतिबंधित दवा न होने के बाद करीब बारह बजे उसे छोड़ दिया गया।
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उधर, अस्पताल सूत्रों का कहना है कि जिस दवा (केटामिन) का यह मरीज इंजेक्शन ले रहा था, वह दवा ऑपरेशन के दौरान बेहोशी के लिए दी जाती है। ऐसे में इस तरह की प्रतिबंधित दवा व्यक्ति के पास पहुंचना बड़ा सवाल है? हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति मानसिक रोगी है। लेकिन एक रोगी के पास इस तरह की दवा मिलने से अस्पताल में हलचल भी मच गई है।


अस्पताल से लौटते समय सुरक्षा कर्मी चौकी के पास गए। पूछने पर पता चला कि मरीज इंजेक्शन ले रहा था। हालांकि जो इंजेक्शन लिया जा रहा है, वह प्रतिबंधित है।
- डॉ. जनक राज, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी

ऐसे आया पकड़ में
रात दस बजे के करीब एक मरीज बिना किसी डॉक्टर या स्टाफ की निगरानी में इंजेक्शन ले रहा था। वहीं जब उससे पूछा गया तो बताया कि वह मरीज है और नशे का आदी है। नशे को छोड़ने के लिए इंजेक्शन ले रहा है। लेकिन मरीज का अपने आप इंजेक्शन लेना भी एक तरह से सवाल ही है। वहीं इस बीच वह पानी भी मांग रहा था और इंजेक्शन लगाने के बाद वायल को कंबल के नीचे भी छुपा दिया।

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