कूड़े की फीस और पेयजल पर हंगामे के आसार
नगर निगम की मासिक बैठक आज
कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में गारबेज कलेक्शन का शुल्क बढ़ाने और पेयजल संकट पर वीरवार को नगर निगम की मासिक बैठक में हंगामा हो सकता है। महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शहर से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए जाएंगे। बैठक में व्यावसायिक संस्थानों का गारबेज कलेक्शन का शुल्क कई गुणा बढ़ाने पर पार्षद दोबारा इस प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करने वाले हैं। हालांकि, यह प्रस्ताव खुद पार्षदों ने ही जनवरी की बैठक में पारित कर दिया था लेकिन अब जनता का दबाव बढ़ने के बाद पार्षद दोबारा से इस पर चर्चा चाहते हैं। ज्यादातर पार्षद फीस कटौती की मांग कर रहे हैं। लेकिन यह संभव होगा या नहीं, इसका फैसला सदन में होगा। इसके अलावा पेयजल संकट और 15 दिन पानी देने के बावजूद पूरे महीने के बिल वसूली पर भी सदन गरमा सकता है। मर्ज एरिया के पार्षद पानी की सप्लाई में किए जा रहे भेदभाव का मामला भी उठाने की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम में बजट की कमी के चलते पार्षदों के नए काम नहीं हो रहे हैं। वहीं, भराड़ी समेत कई वार्डों में पार्किंग, पार्क जैसे कई काम शुरू ही नहीं हो पा रहे हैं। इस पर भी अफसरों से जवाब मांगा जाएगा।
इन प्रस्तावों पर आएगा फैसला
नगर निगम में चालकों के खाली पद भरने, लिफ्ट और संजौली स्थित पार्किंग को एक्सटेंशन देने के प्रस्तावों पर भी बैठक में फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा जीवणू कॉलोनी को एंबुलेंस रोड देने, बसंत विहार सोसायटी से पानी बिल वसूलने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। पार्षद राकेश चौहान का कहना है कि इन दोनों मामलों पर निगम प्रशासन का रवैया निराशाजनक रहा है। जाखू की पार्षद अर्चना धवन शहर में बंदरों और कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर निगम को घेरने वाली हैं।
निशाने पर महापौर, नहीं पूरी की ये दो मांगें
बैठक में पार्षद नगर निगम महापौर को भी निशाने पर लेने की तैयारी कर रहे हैं। वार्डों में गिरे पेड़ अभी तक नहीं उठाए गए हैं। वहीं, मजयाठ वार्ड में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। महापौर ने 19 जनवरी को वार्ड दौरे के दौरान यहां के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती का भरोसा दिया था लेकिन आज तक एक भी कर्मी की तैनाती नहीं हुई।