नगर निगम की मासिक बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारी के न पहुंचने पर पार्षदों ने खूब हंगामा किया। भाजपा और कांग्रेस के कई पार्षदों ने सदन तक न चलने देने की चेतावनी दे डाली। पार्षद आरती चौहान ने पूछा कि आखिर अधिकारी सदन में क्यों नहीं आते? चार महीने हो गए हैं, लेकिन हर बार अधिकारी बैठक से गायब रहते हैं। कहा कि उनसे जुड़े जो सवाल हैं, उसका कोई जवाब नहीं मिल रहा। पार्षद कमलेश मेहता, शैलेंद्र चौहान ने पूछा कि क्या पूरे साल अधिकारी आएंगे भी या नहीं। पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि पार्षद सदन नहीं चलने देंगे।
कुछ पार्षदों ने इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजने तक की मांग की। पार्षद किरण बावा, जगजीत सिंह ने पूछा कि पार्षद हर महीने सदन में सवाल पूछते रहते हैं, लेकिन अधिकारी हैं कि आते नहीं। कुछ पार्षदों ने सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और निगम से इसका ब्यौरा मांगा। पार्षदों ने इस बारे में आयुक्त और महापौर से सवाल पूछे। आयुक्त पंकजराय ने कहा कि अधिकारी सुबह दफ्तर आए थे, लेकिन बैठक में क्यों नहीं आए, इसकी सूचना नहीं। वह कहां गए हैं, इसका पता नहीं है।
कारण बताओ नोटिस जारी होगा
पार्षदों के हंगामे को शांत करते हुए आयुक्त ने कहा कि पिछले चार महीनों में से दो बार अधिकारी छुट्टी पर थे। बाकी दो बार बैठक में क्यों नहीं आए, इस पर जवाब मांगा जाएगा। आयुक्त ने कहा कि अधिकारी को अब कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
आयुक्त को दी थी सूचना : अधिकारी
अधिकारी ने कहा कि वह आधिकारिक तौर पर हाईकोर्ट गए थे। इसलिए बैठक में नहीं जा पाए। इसकी सूचना आयुक्त को दी थी। कहा कि सदन में पार्षदों के सवालों का जवाब आयुक्त देते हैं। ऐसे में उनका सदन में जाना जरूरी नहीं है, जो सवाल पूछे जाते हैं, उनका जवाब फाइल पर दिया जाता है। नियमानुसार उनका काम विधिक सलाह देना है। सदन में यदि निजी तौर पर पार्षद सवाल पूछेंगे तो जरूरी नहीं कि वे सदन में जाएं।
पेंशनरों को महंगाई भत्ता देने को मंजूरी
बैठक में नगर निगम के पेंशनरों को जुलाई 2018 से चार फीसदी महंगाई भत्ता देने पर भी सहमति जताई गई। इसे चुनाव आयोग से भी मंजूरी मिल चुकी है। मार्च माह से पेंशनरों को पेंशन के साथ यह बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा जबकि पिछले साल जुलाई से बढ़ा हुआ भत्ता एरियर के तौर पर जारी होगा।