पानी के भारी भरकम बिलों से लोगों को झटका
बचत भवन में हुई बैठक में पार्षदों ने ज्यादा बिलों पर उठाए सवाल, दस से पंद्रह हजार रुपये तक आए हैं पानी के बिल
टुटू और मज्याठ क्षेत्र के उपभोक्ता सबसे ज्यादा परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में जारी हो रहे पानी के नए बिलों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में तीन से चार गुना ज्यादा बिल आने से लोग मुश्किल में पड़ गए हैं। यही नहीं, कुछ लोगों को एक साथ दो बिल भी जारी किए गए हैं।
लोग नगर निगम और कंपनी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को पेयजल कंपनी की ओर से बचत भवन में आयोजित बैठक के दौरान भी कई पार्षदों ने इस पर सवाल उठाए। पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा कि टुटू और मज्याठ इलाके में इस बार काफी ज्यादा बिल जारी किए गए हैं। कई लोगों को दस से 15 हजार रुपये बिल जारी हो गए हैं। यह बिल कामर्शियल और कंस्ट्रक्शन के हैं। ज्यादातर लोगों के बिल पहले से तीन से चार गुना ज्यादा आए हैं। नए बिल 31 अगस्त तक जारी किए गए हैं और इन्हें जमा करने की अंतिम तारीख नौ जनवरी है। कई जगह मार्च और अगस्त तक के दो बिल एकसाथ जारी किए गए हैं। बाकी पार्षदों ने भी ज्यादा बिल को लेकर शिकायत की। बाद में कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि शिकायत करने वाले लोगों के बिल चेक किए जाएंगे।
इसलिए भी इस बार ज्यादा आएंगे बिल
कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि बड़े परिवारों और ज्यादा पानी इस्तेमाल करने वाले लोगों के बिल इस बार ज्यादा आएंगे। कंपनी जून से अगस्त तक लगभग सभी उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग पर ही बिल जारी करेगी। ऐसे में उन उपभोक्ताओं का बिल अब ज्यादा आएगा जो ज्यादा पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले यह फ्लैट रेट होने पर ज्यादा पानी के इस्तेमाल करने के बावजूद बाकियों के बराबर ही बिल दे रहे थे। मीटर रीडिंग के बाद अब उतना बिल बनेगा जितना पानी इस्तेमाल होगा। नए सिस्टम से छोटे परिवारों को फायदा है जो अब तक बड़े परिवारों की तरह ही फ्लैट रेट पर ही बिल चुकाने को मजबूर थे।
कंपनी ने पेयजल व्यवस्था पर दी प्रेजेंटेशन
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड कंपनी ने सोमवार को बचत भवन में नगर निगम पार्षदों को पेयजल व्यवस्था पर प्रेजेंटेशन दी। इसमें सतलुज वाटर प्रोजेक्ट के तहत आने वाले दिनों में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। कंपनी के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने बताया कि 987 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत इस साल क्या-क्या काम किए जाएंगे। कहा कि लीकेज दूर करने और सीवरेज कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम भी इसी प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इस दौरान चाभा से शिमला पानी लाने की योजना पर भी जानकारी दी गई। इस बैठक में मेयर कुसुम सदरेट समेत डेढ़ दर्जन पार्षदों ने हिस्सा लिया। बाकी पार्षद बैठक में नहीं आए। बैठक के बाद आयुक्त पंकजराय ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पार्षदों को जानकारी दी। कहा कि नोडल अफसर तैनात कर सफाई व्यवस्था सुधारी जाएगी।