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विरोध करने वाले पार्षदों ने भी बदले सुर

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दिन भर चले ड्रामे के बाद बदल गए विरोध करने वाले पार्षदों के सुर
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नगर निगम कार्यालय में पार्षदों से लिखित में लिया गया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन में माकपा पार्षद से अभद्र व्यवहार मामले में खेमों में बंटे भाजपा पार्षद अचानक एकजुट हो गए। हालांकि, इसके लिए शुक्रवार को खूब ड्रामा भी हुआ।
उप महापौर समेत सभी भाजपा पार्षदों से बाकायदा लिखित में समर्थन मांगा गया। शाम होते-होते भाजपा के उन पार्षदों के सुर भी बदल गए जो पहले अपनी ही पार्टी के पार्षद के व्यवहार पर सवाल उठा रहे थे। सूत्रों के अनुसार माकपा पार्षद शैली शर्मा के आरोपों के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए भाजपा पार्षदों को बाकायदा दफ्तर बुलाया गया था। करीब आधा दर्जन पार्षदों ने दफ्तर आकर लिखित में समर्थन दिया। वहीं, जो दफ्तर नहीं पहुंच पाए, उनसे बात कर सहमति ली गई। उप महापौर राकेश शर्मा से भी बाकायदा लिखित में समर्थन लिया गया। सूत्रों के अनुसार सदन के भीतर जिन पार्षदों ने सबसे पहले अपनी पार्टी के पार्षद के खिलाफ सवाल उठाए थे, उनसे ग्रैंड होटल में हस्ताक्षर करवाए गए। होटल में आयोजित भाजपा के शिमला मंडल की बैठक के दौरान इन पार्षदों से लिखित रूप में समर्थन लिया गया। शाम तक सभी पार्षदों का समर्थन होने का दावा किया गया।
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मंत्री ने दी मिलकर काम करने की सलाह
होटल में हुई इस बैठक में स्थानीय विधायक एवं शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि मंत्री पार्षदों की आपसी लड़ाई से तो नाराज थे लेकिन इन्होंने सभी को मिलकर काम करने की सलाह दी। कहा कि आप लोग मिलकर शहर का विकास कर सकते हैं। इसीलिए लड़ाई छोड़ काम पर ध्यान दें।
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