अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रिज पर नए सीएम के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लोगों के साथ-साथ सैलानियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर में बार-बार जाम लगता रहा। लोग पैदल चलने को मजबूर हुए। मालरोड पर की गई बैरिकेड्स लगे होने के कारण सैलानियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। रिज मैदान पर एंट्री बंद रही।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए रिज मैदान सहित आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी। स्कैंडल प्वाइंट पर ही रस्सियां लगा कर लोगों को रोक दिया गया। रास्ता बंद होने के कारण सैलानी पूछताछ के लिए टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर तक भी नहीं पहुंच पाए। इतना ही नहीं भारी भीड़ के कारण स्कैंडल प्वाइंट स्थित एचआरटीसी और रेलवे एडवांस बुकिंग काउंटरों तक न पहुंच पाने के कारण सैलानियों को भारी दिक्कत पेश आई। दिल्ली से परिवार के साथ शिमला घूमने आए आशीष कुमार ने बताया कि पुलिस सिर्फ रैली में आए लोगों को ही गाइड कर रही थी, टूरिस्टों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। बैरिकेड्स लगा कर रास्ते जगह जगह बंद कर दिए गए थे जिसके कारण आने जाने में भारी दिक्कत पेश आई। दिल्ली के मुनीश ने बताया कि बुकिंग काउंटर तक पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं छोड़ा गया था। शिमला से दिल्ली लौटने के लिए वोल्वो की बुकिंग करनी थी, भीड़ के कारण दो घंटे इंतजार करना पड़ा।
इधर, शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से छोटी निजी और सरकारी बसों पर निर्भर रही। शहर के एंट्री प्वाइंट ढली टनल, बालुगंज तवी मोड़ और आईएसबीटी क्रॉसिंग तक ही रैलियों की बसें आने की अनुमति रही। इससे आगे शिमला के आसपास के ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बड़ी बसों की एंट्री बंद रही। पुलिस प्रशासन ने रैली और पीएम दौरे के लिए बनाए ट्रैफिक प्लान के मुताबिक ही इसे संचालित किया। बड़ी बसों की एंट्री बंद होने के कारण शिमला में काम करने वाले सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और स्कूल कॉलेज छात्रों को भीड़ वाली निजी बसों में और पैदल सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। इससे शहरी का आम जनजीवन प्रभावित हुआ। लोगों को समय से पहले घर से निकलना पड़ा। कई लोग समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। देर शाम तक शहर का ट्रैफिक जाम रहा।
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बीजेपी के झंडों से अटा लोअर बाजार
शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही लोअर बाजार, मालरोड और रिज को बीजेपी के झंडों से सजा दिया गया था। दुकानों के बाहर झंडे लटकाए गए थे। कई जगह पर झंडे सड़क पर गिरे भी दिखाई दिए।
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लोअर बाजार होते भेजी गईं एंबुलेंस, दोगुना समय लगा
मालरोड पर बैरिकेड्स के चलते डीसी ऑफिस से शेरे पंजाब की ओर लोअर बाजार होते हुए एंबुलेंस भेजी गई। मालरोड और रिज पर भारी भीड़ होने के कारण एंबुलेंसों को अस्पतालों तक पहुंचने में सामान्य के मुकाबले दोगुना समय लगा।
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रेन शेल्टर में नहीं बैठने दिए बुजुर्ग
मालरोड पर रोटरी टाउन हाल के सामने बनाए गए रेन शेल्टर में पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों को बैठने नहीं दिया। समारोह में शामिल होने के लिए ही बुजुर्ग मालरोड पर पहुंचे थे। पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों को रेन शेल्टर से उठा दिया, जिसके कारण बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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सुबह नौ बजे से पहले ही ओल्ड बस स्टैंड आईं बड़ी बसें
शिमला के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों को ओल्ड बस स्टेंड के लिए नौ बजे से पहले ही एंट्री दी गई। इसके बाद तीनों एंट्री प्वाइंट से बड़ी बसें बंद रही और छोटी लोकल निजी और सरकारी बसें ही चली। दोपहर करीब दो बजे तक यही व्यवस्था रही। इससे छोटी बसों में भारी भीड़ रही। मुख्य सड़कों और सील्ड रोड का इस्तेमाल कर लोग पैदल ऑफिस, स्कूल पहुंचे। तवी मोड़ पर दस बजे के बाद बसें बंद होने के बाद बसों को चक्कर हो कर बाईपास में पार्क करने को भेजा गया, जिससे बालुगंज क्रासिंग और तवी मोड़ से ही आम लोग और कार्यकर्ताओं के दल मीलों सफर कर रैली स्थल माल रोड पहुंचे।
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ढली टनल में साढ़े आठ बजे रोक दिया था ट्रैफिक
ढली टनल से आगे छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही साढ़े आठ बजे ही रोक दी गई थी। सिर्फ पैदल चलने की अनुमति थी। कार्यकर्ताओं की बसों और गाड़ियों को संजौली ढली और मल्याणा बाईपास पर पार्क करवाया गया। इस कारण शपथ समारोह के लिए आए कार्यकर्ताओं को ढली से लेकर संजौली होते हुए रिज मैदान तक पैदल ही पहुंचना पड़ा। संजौली चौक पर बारह बजे के बाद तक वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई, ट्रैफिक पुलिस जवान जगह जगह तैनात रहे।
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टुटीकंडी बाईपास से शिमला तक पैदल आए सैकड़ाें लोग
सोलन, सिरमौर की ओर से आने वाली कार्यकर्ताओं की बसों को टुटीकंडी बाईपास तक ही आने की अनुमति थी। इससे आगे 103 टनल तक कार्यकर्ताओं के छोटे वाहन को आने की इजाजत थी। इसके बाद इन वाहनों को फागली होकर बाईपास पर पार्क करवाने की व्यवस्था लागू रही।